अत्याधुनिक उत्कृष्टता केंद्र चिराग

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय रेलवे ने डिजिटल गवर्नेंस और मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) को आधुनिक बनाने हेतु हैदराबाद में अत्याधुनिक उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) ‘चिराग’ (CHIRAG) की स्थापना की।
उत्कृष्टता केंद्र ‘चिराग’ के बारे में:
- पूर्ण रूप (Full Form): CHIRAG का तात्पर्य Centre for HR Information Systems, Research and Analytics in Governance (शासकीय शासन में मानव संसाधन सूचना प्रणाली, अनुसंधान और विश्लेषण केंद्र) है।
- तकनीकी परिभाषा: यह भारतीय रेलवे द्वारा स्थापित एक उच्च-स्तरीय तकनीकी और नीतिगत उत्कृष्टता केंद्र है। यह संस्थान रेलवे के विशाल कार्यबल के प्रशासनिक प्रबंधन को डिजिटल रूप देने, उन्नत अनुसंधान करने और डेटा-संचालित निर्णय लेने के लिए समर्पित है।
- उद्देश्य: चिराग केंद्र की स्थापना के मुख्य लक्ष्य निम्नलिखित हैं:
- क्षमता निर्माण (Capacity Building): रेलवे के सभी संवर्गों (All Cadres) के कर्मचारियों को डिजिटल रूप से साक्षर और कुशल बनाना।
- प्रशिक्षण का मानकीकरण: मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के संचालन के लिए भूमिका-आधारित और प्रमाणित प्रशिक्षण प्रदान करना।
- भविष्योन्मुखी थिंक टैंक: रेलवे के लिए नई मानव संसाधन नीतियों का निर्माण करना और प्रणालियों के आपसी समन्वय पर व्यापक शोध करना।
- उद्घाटन: इस महत्वाकांक्षी डिजिटल केंद्र का उद्घाटन भारतीय रेलवे की अतिरिक्त सदस्य (HR) वी.जी. भूमा द्वारा वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों की उपस्थिति में किया गया।
- अवस्थान (Location): इसका निर्माण हैदराबाद के मौला-अली स्थित एससीआर ग्राउंड्स (SCR Grounds) में किया गया है, जो जोनल रेलवे प्रशिक्षण संस्थान (ZRTI) के बिल्कुल समीप स्थित है।
मुख्य विशेषताएँ:
- HRMS-MITRA कैडर: चिराग का एक विशेष फीचर क्षेत्रीय प्रशिक्षण संस्थानों (ZRTI) में तैनाती के लिए HRMS-MITRA मास्टर ट्रेनर्स का एक विशेष कैडर तैयार करना है, जो निचले स्तर के कर्मचारियों तक प्रशिक्षण पहुंचाएंगे।
- भौतिक अवसंरचना: वर्तमान में केंद्र को क्रियान्वित करने के लिए इसमें अत्याधुनिक कंप्यूटर प्रयोगशालाएं स्थापित की गई हैं। व्यापक प्रशिक्षण मॉड्यूल्स के राष्ट्रव्यापी प्रसारण के लिए एक समर्पित iGOT रिकॉर्डिंग स्टूडियो बनाया गया है।
- चौथी औद्योगिक क्रांति (Industry 4.0) का समावेश: यह केंद्र केवल बुनियादी डिजिटल शिक्षा तक सीमित नहीं है। यह मानव संसाधन से जुड़े निर्णयों को सुदृढ़ करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), और प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों को समाहित करेगा।
- भूमिका-आधारित दृष्टिकोण: प्रशिक्षण प्रत्येक कर्मचारी की विशिष्ट जिम्मेदारी और पद के अनुसार डिजाइन किया गया है, जिससे कार्यकुशलता में सीधा सुधार हो सके।
महत्व:
- प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण (Smart Governance): भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है। इतने बड़े कार्यबल के डेटा का विश्लेषण और प्रबंधन यदि AI आधारित प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स से होगा, तो कर्मचारियों के ट्रांसफर, प्रमोशन और सेवानिवृत्ति से जुड़े निर्णय पारदर्शी और त्रुटिहीन होंगे।
- मिशन कर्मयोगी को गति: यह केंद्र केंद्र सरकार के राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम ‘मिशन कर्मयोगी’ के दृष्टिकोण को पूरी तरह साकार करता है, जिसका लक्ष्य सिविल सेवकों को अधिक ‘सक्षम’ और ‘तकनीक-प्रेमी’ बनाना है।
- डेटा-संचालित नीति निर्माण: एडवांस्ड एनालिटिक्स के माध्यम से रेलवे प्रशासन मानव संसाधन से जुड़े भविष्य के कौशल अंतरालों (Skill Gaps) को पहले ही पहचान सकेगा, जिससे समय पर भर्ती और प्रशिक्षण नीतियां बनाई जा सकेंगी।