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16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों हेतु UK Social Media Ban (UK Social Media Ban for children under 16)

16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों हेतु UK Social Media Ban (UK Social Media Ban for children under 16)

UK Social Media Ban for children under 16

संदर्भ: 

हाल ही में ब्रिटेन सरकार ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पूर्ण प्रतिबंध (UK Social Media Ban) लगाने की घोषणा की। यह नीति ‘चिल्ड्रन्स वेलबीइंग एंड स्कूल्स एक्ट’ (Children’s Wellbeing and Schools Act) के विधायी प्रावधानों के तहत लागू होगी और इसके वर्ष 2027 की शुरुआत (बसंत ऋतु) तक प्रभावी होने की उम्मीद है।

UK Social Media Ban के प्रमुख नीतिगत बिंदु: 

  • लक्षित प्लेटफॉर्म्स: प्रतिबंध के दायरे में मुख्य रूप से TikTok, Instagram, Snapchat, Facebook, X (Twitter) और YouTube शामिल हैं. हालांकि, WhatsApp और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स तथा YouTube Kids को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है.
  • कड़े पूरक प्रावधान (Comprehensive Restrictions): केवल अकाउंट ब्लॉक करना ही नहीं, बल्कि 16 से 18 वर्ष के किशोरों के लिए रात में ‘सोशल मीडिया कर्फ्यू’, ‘इनफिनिट स्क्रॉलिंग’ (Infinite Scrolling) पर रोक और ‘अजनबियों से संवाद’ (Stranger Communication) को ब्लॉक करना अनिवार्य होगा. 
  • AI चैटबॉट्स पर रोक: 18 वर्ष से कम आयु के उपयोगकर्ताओं के लिए ‘रोमान्टिक या अंतरंग’ AI चैटबॉट्स (Romantic AI Chatbots) के उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा. 
  • उत्तरदायित्व का निर्धारण: इस कानून के उल्लंघन पर सजा बच्चों या माता-पिता को नहीं, बल्कि नियमों को लागू न करने वाली Big Tech कंपनियों पर भारी वित्तीय जुर्माने के रूप में लागू होगी. 

Children Social Media Rules लाने के पीछे मुख्य कारक:

  • मानसिक स्वास्थ्य संकट (Mental Health Crisis): अत्यधिक स्क्रीन टाइम और एल्गोरिदम-प्रेरित कंटेंट के कारण बच्चों में अवसाद, एंग्जायटी और नींद की कमी की समस्या देखी गई है.
  • एडिक्टिव डिज़ाइन (Addictive Design Features): सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले ‘लाइक बटन’ और ‘शॉर्ट्स/रील्स स्क्रॉलिंग’ बच्चों के मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स (Prefrontal Cortex) के विकास को प्रभावित कर रहे हैं.
  • साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन शोषण: साइबर बुलिंग (Cyberbullying), ऑनलाइन ग्रूमिंग, और अश्लील सामग्री (Online Pornography) तक बच्चों की आसान पहुंच को रोकना अपरिहार्य हो गया था. 

ब्रिटेन में 1.16 लाख से अधिक नागरिकों, माता-पिता और विशेषज्ञों से लिए गए सार्वजनिक परामर्श (Public Consultation) में 90% से अधिक माता-पिता ने इस कदम का समर्थन किया।

Social Media Age Restriction का विश्लेषणात्मक मूल्यांकन:

पक्षविपक्ष 
बाल संरक्षण: बच्चों को उनके सुरक्षित बचपन और व्यक्तिगत शारीरिक विकास के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.प्रवर्तन की समस्या (Enforcement Challenge): VPN का उपयोग करके या गलत जन्मतिथि डालकर बच्चे आयु सत्यापन (Age Verification) को आसानी से दरकिनार कर सकते हैं.
बिग टेक पर नियंत्रण: तकनीकी दिग्गजों की मनमानी और डेटा माइनिंग प्रवृत्तियों पर अंकुश लगेगा.निजता की चिंता (Privacy Concerns): उम्र की पुष्टि के लिए चेहरे की पहचान (Facial Estimation) या सरकारी आईडी स्कैन करने से नागरिकों की डेटा प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है.
सांस्कृतिक बदलाव: समाज में बचपन को स्क्रीन-मुक्त बनाने की एक नई चेतना जागृत होगी.अंडरग्राउंड डिजिटल स्पेस: प्रतिबंध के कारण बच्चे मुख्यधारा के ऐप्स छोड़कर कम सुरक्षित और अनियंत्रित ‘डार्क वेब’ या वैकल्पिक ऐप्स की ओर आकर्षित हो सकते हैं.

Youth Social Media Policy वैश्विक परिदृश्य: 

ऑनलाइन सुरक्षा (Online Safety Laws) को लेकर दुनिया भर में राज्य-हस्तक्षेप (State Intervention) की नीति बढ़ रही है: 

  • ऑस्ट्रेलिया: दिसंबर 2025 में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर पूर्ण सोशल मीडिया प्रतिबंध लगाने वाला पहला देश बना.
  • मलेशिया और इंडोनेशिया: क्रमशः जून 2026 और मार्च 2026 से कड़े आयु सत्यापन नियम लागू कर चुके हैं.
  • यूरोपीय संघ (EU): स्पेन, ग्रीस और डेनमार्क जैसे देश भी 15-16 वर्ष की आयु सीमा पर कानून बनाने की प्रक्रिया में हैं. 
  • भारत: भारत में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) ने डीपफेक, ऑनलाइन गेमिंग और बच्चों को नुकसान पहुंचाने वाले एल्गोरिदम पर कड़े आईटी नियम लागू किए हैं।
    • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम के तहत सोशल मीडिया कंपनियों के लिए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का डेटा ट्रैक करना या विज्ञापनों के लिए प्रोफाइलिंग करना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
    • टेक कंपनियों के लिए बच्चों के अकाउंट्स पर ‘पेरेंटल कंसेंट’ (Parental Consent) और आयु सत्यापन अनिवार्य किया जा रहा है।

FAQs: 

1. ब्रिटेन में सोशल मीडिया प्रतिबंध क्यों लगाया गया?

यह प्रतिबंध बच्चों को एडिक्टिव एल्गोरिदम, ऑनलाइन मानसिक स्वास्थ्य संकट, साइबर बुलिंग और हानिकारक कंटेंट के दुष्प्रभावों से सुरक्षित बचपन देने हेतु लगाया गया है।

2. यह नियम किन बच्चों पर लागू होगा?

यह नियम मुख्य रूप से 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया अकाउंट्स रखने को लेकर पूर्णतः लागू होगा। 

3. सरकार का उद्देश्य क्या है?

सरकार का मुख्य उद्देश्य बच्चों की भलाई सुनिश्चित करना, डिजिटल खतरों को कम करना और परिवारों को तकनीकी कंपनियों पर नियंत्रण देना है।

4. सोशल मीडिया कंपनियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

कंपनियों को कड़े आयु सत्यापन नियम लागू करने होंगे और उल्लंघन करने पर उन्हें करोड़ों डॉलर का भारी वित्तीय जुर्माना भुगतना पड़ेगा। 

5. बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा कैसे बढ़ेगी?

हाई-रिस्क ऐप्स ब्लॉक होंगे, अजनबियों से संवाद और अश्लील AI चैटबॉट्स पर रोक लगने से बच्चों का ऑनलाइन शोषण रुकेगा।है।

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