World Happiness Report 2026

संदर्भ:
20 मार्च 2026 को ‘अंतर्राष्ट्रीय प्रसन्नता दिवस’ के अवसर पर विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2026 जारी की गई। इस रिपोर्ट में फिनलैंड शीर्ष स्थान पाकर दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना, जबकि भारत ने इस रिपोर्ट में 116 स्थान प्राप्त किया।
विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट 2026 के मुख्य बिंदु:
- विशेष विषय: इस वर्ष की रिपोर्ट का मुख्य केंद्र डिजिटल युग में खुशहाली रहा।
- फिनलैंड: फिनलैंड लगातार 9वें वर्ष दुनिया का सबसे खुशहाल देश बना हुआ है।
- शीर्ष 5 देश: फिनलैंड के बाद आइसलैंड (2), डेनमार्क (3), कोस्टा रिका (4) और स्वीडन (5) का स्थान है। कोस्टा रिका का चौथा स्थान किसी भी लैटिन अमेरिकी देश के लिए अब तक की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है।
- विकसित देश: रिपोर्ट में अमेरिका (23वां), कनाडा (25वां) और ब्रिटेन (29वां) जैसे अंग्रेजी भाषी विकसित देशों की रैंकिंग में उल्लेखनीय गिरावट देखी गई है। लगातार दूसरे वर्ष कोई भी प्रमुख अंग्रेजी भाषी देश शीर्ष 10 में शामिल नहीं है।
- सबसे कम खुशहाल देश: अफगानिस्तान (147वां) लगातार दुनिया का सबसे दुखी देश बना हुआ है, जिसके बाद सिएरा लियोन और मलावी का स्थान है।
- नकारात्मक प्रभाव: रिपोर्ट के अनुसार, सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग (प्रतिदिन 5 घंटे से अधिक) युवाओं, विशेषकर किशोर लड़कियों के मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
- एल्गोरिदम का प्रभाव: विजुअल कंटेंट और एल्गोरिदम-आधारित फीड ‘सामाजिक तुलना’ को बढ़ावा देते हैं, जिससे आत्म-सम्मान में कमी दिखाई दे रही है।
- संतुलित उपयोग: जो युवा दिन में 1 घंटे से कम सोशल मीडिया का उपयोग करते हैं, वे उन लोगों की तुलना में अधिक खुश पाए गए जो इसका बिल्कुल उपयोग नहीं करते।
भारत की स्थिति:
- रैंकिंग: भारत 116वें स्थान पर है। यह 2025 की 118वीं रैंक और 2024 की 126वीं रैंक से एक मामूली लेकिन सकारात्मक सुधार दर्शाता है।
- स्कोर: भारत का 147 देशों की सूची में औसत जीवन मूल्यांकन स्कोर 4.536 है।
- पड़ोसी देश: नेपाल (99वां), बांग्लादेश (122वां), पाकिस्तान (104वां) और चीन 65वें स्थान पर है।
- जनसांख्यिकीय रुझान: भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग युवाओं की तुलना में अधिक जीवन संतुष्टि महसूस करते हैं।
- भ्रष्टाचार की धारणा (Perception of Corruption): इस आयाम में भारत की स्थिति तुलनात्मक रूप से बेहतर है, जहाँ इसे 64वां स्थान प्राप्त हुआ है।
- उदारता (Generosity): दान और परोपकार के मामले में भारत 78वें स्थान पर है।
- स्वस्थ जीवन प्रत्याशा (Healthy Life Expectancy): भारत में यह 58.2 वर्ष है, जो शीर्ष देशों की तुलना में काफी कम है।
- सामाजिक समर्थन (Social Support): भारत इस क्षेत्र में 123वें स्थान पर है, जो दर्शाता है कि कठिन समय में भरोसेमंद सामाजिक नेटवर्क की कमी एक बड़ी चुनौती है।
- प्रति व्यक्ति जीडीपी (GDP per capita): क्रय शक्ति समानता के आधार पर भारत 89वें स्थान पर है।
- स्वतंत्रता (Freedom to Choose): जीवन के निर्णय लेने की स्वतंत्रता में भारत का स्थान 61वां है।
- चिंता: भारत में आय असमानता, सामाजिक समर्थन की कमी और भ्रष्टाचार की धारणा प्रमुख चिंताएं हैं।
विश्व प्रसन्नता रिपोर्ट:
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