जन सुरक्षा योजनाओं के 11 वर्ष पूरे

संदर्भ:
हाल ही में भारत सरकार की तीन प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजनाओं—प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY), प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) और अटल पेंशन योजना (APY)—ने सफलतापूर्वक अपनी सेवा के 11 वर्ष पूरे किए।
प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY):
- उद्देश्य और पात्रता: 18 से 70 वर्ष की आयु के बैंक/डाकघर खाताधारकों को दुर्घटना मृत्यु या विकलांगता कवरेज प्रदान करना।
- प्रीमियम: ₹20 प्रति वर्ष (ऑटो-डेबिट सुविधा)।
- कवरेज: दुर्घटना में मृत्यु या पूर्ण विकलांगता पर ₹2 लाख; आंशिक विकलांगता पर ₹1 लाख।
- 11 वर्षों की उपलब्धियां (29 अप्रैल 2026 तक):
- नामांकन: 58.09 करोड़ से अधिक।
- दावा निपटान: ₹3,667.52 करोड़ की राशि 1,84,662 परिवारों को वितरित की गई।
- समावेशिता: इसमें 27.45 करोड़ महिला ग्राहक और 19.30 करोड़ प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) खाताधारक शामिल हैं।
- यह दुनिया की सबसे सस्ती दुर्घटना बीमा योजनाओं में से एक है।।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY):
- परिचय: यह एक शुद्ध टर्म इंश्योरेंस योजना है जो परिवार के कमाऊ सदस्य की मृत्यु पर वित्तीय ढाल प्रदान करती है।
- पात्रता: 18 से 50 वर्ष की आयु के खाताधारक (जोखिम कवर 55 वर्ष तक)।
- प्रीमियम: ₹436 प्रति वर्ष (लगभग ₹1.20 प्रतिदिन)।
- कवरेज: किसी भी कारण से मृत्यु होने पर ₹2 लाख।
- 11 वर्षों की उपलब्धियां (29 अप्रैल 2026 तक):
- नामांकन: 27.43 करोड़ से अधिक।
- दावा निपटान: ₹21,512.50 करोड़ की राशि 10,75,625 परिवारों को प्रदान की गई।
- महिला भागीदारी: 12.72 करोड़ से अधिक महिला लाभार्थी नामांकित हैं।
- कार्यकुशलता: योजना का दावा निपटान अनुपात (Claim Settlement Ratio) लगभग 99.95% रहा है।
अटल पेंशन योजना (APY):
- परिचय: यह असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए एक गारंटीकृत पेंशन योजना है, जो ‘पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण’ (PFRDA) द्वारा संचालित है।
- पात्रता: 18 से 40 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक (1 अक्टूबर 2022 से आयकर दाता अपात्र हैं)।
- लाभ: 60 वर्ष के बाद ₹1,000 से ₹5,000 की मासिक पेंशन। मृत्यु के बाद पति/पत्नी को वही पेंशन और दोनों की मृत्यु के बाद नामांकित व्यक्ति को जमा कॉर्पस की वापसी।
- 11 वर्षों की उपलब्धियां (30 अप्रैल 2026 तक):
- कुल ग्राहक: 9.04 करोड़ से अधिक व्यक्ति।
- वित्तीय प्रदर्शन: वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए नामांकन हुए।
- प्रबंधनाधीन संपत्ति (AUM): 31 मार्च 2026 तक कॉर्पस बढ़कर ₹51,416 करोड़ हो गया है।
- लैंगिक विविधता: 48% से अधिक ग्राहक महिलाएं हैं, और वित्त वर्ष 2025-26 के नए नामांकनों में महिलाओं की हिस्सेदारी 55.10% रही।
नीतिगत प्रभाव:
- वित्तीय समावेशन की ‘जैम’ (JAM) ट्रिनिटी: इन योजनाओं ने जन-धन खातों के माध्यम से ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर’ (DBT) और डिजिटल बीमा भुगतान को सुव्यवस्थित किया है।
- तकनीकी हस्तक्षेप: सरकार द्वारा जन सुरक्षा पोर्टल (Jan Suraksha Portal) के लॉन्च ने नामांकन और दावा प्रक्रिया को कागजरहित और त्वरित बना दिया है।
- चुनौतियां और सुधार: दावों के निपटान में समय (0.61 से 17 दिन) को कम करने और नीतिगत चूक (Policy Lapses) को रोकने के लिए विभाग द्वारा वार्षिक एक्शन प्लान लागू किए जा रहे हैं।
- सामाजिक सुरक्षा नेट: इन योजनाओं ने कुल 94.5 करोड़ से अधिक नामांकन हासिल कर भारत के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को वैश्विक स्तर पर मजबूती दी है।