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एआई-आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली (AI-based dashcam monitoring system) | Apni Pathshala

AI-based dashcam monitoring system

AI-based dashcam monitoring system

संदर्भ:

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने देश भर में सड़क सुरक्षा और राजमार्ग प्रबंधन को उन्नत करने के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एआई-आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली (AI-based Dashcam Monitoring System) शुरू करने की योजना बनाई है।

एआई-आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली क्या हैं?

एआई-आधारित डैशकैम निगरानी प्रणाली या एआई-आधारित डैशकैम एनालिटिक्स सर्विसेज (DAS) एक उच्च-तकनीकी समाधान है जिसमें रूट पेट्रोल वाहनों (RPVs) पर उन्नत ‘डैशबोर्ड कैमरे’ लगाए जाते हैं। ये कैमरे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) मॉडल का उपयोग करके वीडियो डेटा का वास्तविक समय में विश्लेषण करते हैं। इस प्रणाली को NHAI के द्वारा विकसित किया गया है, जिसमें IIIT दिल्ली ने सहयोग किया गया है।

मुख्य उद्देश्य:

  • डेटा-संचालित रखरखाव: साप्ताहिक सर्वेक्षणों के माध्यम से सड़क की स्थिति का सटीक डेटा एकत्र करना।
  • दोषों की स्वचालित पहचान: मानवीय हस्तक्षेप के बिना गड्ढों, दरारों और अन्य विसंगतियों का पता लगाना।
  • सुरक्षा संवर्धन: अवैध अतिक्रमण और मीडियन ओपनिंग की पहचान कर सड़क दुर्घटनाओं को कम करना।
  • पारदर्शिता: राजमार्ग प्रबंधन में जवाबदेही बढ़ाना और रखरखाव कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी करना। 

विशेषताएं:

  • स्वचालित पहचान: गड्ढे (Potholes), रटिंग (Rutting) और गंभीर दरारों की पहचान करने में सक्षम है। 
  • रोड फर्नीचर निगरानी: फीकी पड़ चुकी लेन मार्किंग, क्षतिग्रस्त क्रैश बैरियर और खराब स्ट्रीटलाइट्स का वास्तविक समय में पता लगाने में सक्षम है। 
  • अतिक्रमण नियंत्रण: अवैध पार्किंग और अनाधिकृत साइनबोर्डों की निगरानी करने में सक्षम है। 
  • बहुआयामी डेटा: इसमें 360-डिग्री इमेजरी और रात के समय दृश्यता (Visibility) की जांच के लिए विशेष सर्वेक्षण शामिल हैं।
  • तकनीकी स्टैक: इस प्रणाली में 3D लेजर-आधारित नेटवर्क सर्वे व्हीकल (NSV), DGPS, और उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों का उपयोग किया गया है।
  • डेटा प्लेटफॉर्म: एकत्र किया गया सारा डेटा NHAI के क्लाउड-आधारित पोर्टल ‘डेटा लेक’ (Data Lake) पर अपलोड किया जाता है, जिसमें बिग डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जाता है। 
  • व्याप्ति (Scale): यह प्रणाली लगभग 40,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर लागू की जाएगी।
  • प्रक्रिया:
    1. रूट पेट्रोल वाहन साप्ताहिक आधार पर वीडियो सर्वेक्षण करेंगे।
    2. एआई मॉडल स्वचालित रूप से 30 से अधिक प्रकार के दोषों की पहचान करेंगे।
    3. डेटा को ‘रोड एसेट मैनेजमेंट सेल’ (RAMS Cell) द्वारा विश्लेषण के लिए डेटा लेक पर भेजा जाएगा। 

महत्व:

  • सड़क सुरक्षा: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (Black Spots) की शीघ्र पहचान और सुधारात्मक कार्यों में सहायता।
  • लागत दक्षता: निवारक रखरखाव (Preventive Maintenance) के माध्यम से दीर्घकालिक लागत में कमी।
  • स्मार्ट गवर्नेंस: यह ‘डिजिटल इंडिया’ विजन के अनुरूप राजमार्ग प्रबंधन में मानवीय गलतियों को कम करता है।
  • उपयोगकर्ता अनुभव: यह राजमार्ग उपयोगकर्ताओं के लिए यात्रा को अधिक आरामदायक और सुरक्षित बनाता है।

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