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इंडिया बायोइकोनॉमी रिपोर्ट 2026 (India Bioeconomy Report 2026) | Ankit Avasthi Sir

India Bioeconomy Report 2026

India Bioeconomy Report 2026

संदर्भ:

हाल ही में केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री द्वारा जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) के 14वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘इंडिया बायोइकोनॉमी रिपोर्ट (IBER) 2026’ का अनावरण किया गया।

इंडिया बायोइकोनॉमी रिपोर्ट (IBER) 2026 के मुख्य बिंदु:

    • बाजार का आकार: भारतीय जैव-अर्थव्यवस्था 2025 में $195.3 बिलियन तक पहुँच गई है।
    • वार्षिक वृद्धि: पिछले वर्ष ($165.7 बिलियन) की तुलना में इसमें $29.6 बिलियन की शुद्ध वृद्धि हुई है।
    • वृद्धि दर (CAGR): इस क्षेत्र ने 18% की उच्च वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है।
    • GDP में योगदान: राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में इसकी हिस्सेदारी बढ़कर 4.8% हो गई है, जो पूर्व वर्षों के 4.2-4.3% से अधिक है। 
  • क्षेत्रवार विश्लेषण: रिपोर्ट में चार मुख्य क्षेत्रों के योगदान को रेखांकित किया गया है:
  • बायो-इंडस्ट्रियल ($90.2 बिलियन): यह सबसे बड़ा खंड है, जो मुख्य रूप से E20 (20% इथेनॉल सम्मिश्रण) लक्ष्य की समय से पहले प्राप्ति से संचालित है।
  • बायो-फार्मा ($64.5 बिलियन): भारत वैश्विक स्तर पर 65% WHO वैक्सीन आवश्यकताओं की पूर्ति कर रहा है। पेटेंट समाप्ति के साथ बायोसिमिलर्स में भविष्य की वृद्धि की उम्मीद है।
  • बायो-सर्विसेज ($26 बिलियन): क्लिनिकल शोध और AI-आधारित ड्रग डिस्कवरी के कारण यह तेजी से बढ़ता क्षेत्र है।
  • बायो-एग्री ($14.6 बिलियन): यह मुख्य रूप से जलवायु-अनुकूल फसलों और जैव-उर्वरकों पर केंद्रित है।
  • स्टार्टअप संख्या: देश में जैव-प्रौद्योगिकी स्टार्टअप्स की कुल संख्या 11,855 से अधिक हो गई है।
  • नए जुड़ाव: अकेले वर्ष 2025 में 1,780 नए स्टार्टअप पंजीकृत किए गए।
    • वैश्विक केंद्र: भारत अब 150 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) का घर है, जहाँ 3 लाख से अधिक पेशेवर कार्यरत हैं। 

नीतिगत समर्थन:

  • 2030 का लक्ष्य: सरकार का लक्ष्य 2030 तक $300 बिलियन की जैव-अर्थव्यवस्था बनाना है।
  • BioE3 नीति: यह ‘अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव-प्रौद्योगिकी’ पर केंद्रित नीति है, जिसे सतत विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है।
  • RDI कोष: अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ₹1 लाख करोड़ का ‘अनुसंधान, विकास और नवाचार’ कोष स्थापित किया गया है। 
इंडिया बायोइकोनॉमी रिपोर्ट:

  • परिचय: यह रिपोर्ट भारत की जैव-अर्थव्यवस्था (BioEconomy) के आकार, संरचना और प्रदर्शन का विश्लेषण करती है। जैव-अर्थव्यवस्था से तात्पर्य उन आर्थिक गतिविधियों से है जो जैविक संसाधनों (पौधों, जानवरों, सूक्ष्मजीवों) और जैव-प्रौद्योगिकी प्रक्रियाओं का उपयोग करके वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करती हैं।
  • जारीकर्ता: यह रिपोर्ट जैव-प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) और BIRAC (Biotechnology Industry Research Assistance Council) द्वारा संयुक्त रूप से जारी की जाती है। इसकी तैयारी में ‘एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी लेड एंटरप्राइजेज’ (ABLE) का महत्वपूर्ण सहयोग रहता है।
  • अवधि: यह एक वार्षिक (Annual) रिपोर्ट है, जिसे हर साल BIRAC के स्थापना दिवस (आमतौर पर मार्च में) के अवसर पर जारी किया जाता है।
  • उद्देश्य: इसका मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय जैव-अर्थव्यवस्था के वृहद संकेतकों (Macro Indicators) को ट्रैक करना, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का मूल्यांकन करना और नीतिगत निर्णयों के लिए डेटा आधारित अंतर्दृष्टि प्रदान करना है।

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