Indian Air Force helicopter-drone project Vayu Baan
संदर्भ:
हाल ही में भारतीय वायुसेना (IAF) ने आधुनिक युद्धक तकनीकों की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए ‘वायु बाण’ (Vayu Baan) प्रोजेक्ट को रोल आउट किया है। यह भारत का पहला हेलीकॉप्टर-ड्रॉप्ड (Helicopter-dropped) ड्रोन प्रोजेक्ट है।
‘वायु बाण’ (Vayu Baan) के बारे में:
- परिचय: वायु बाण (Vayu Baan) भारतीय वायु सेना (IAF) की एक महत्वपूर्ण स्वदेशी परियोजना है, यह एक छोटा, स्वायत्त ड्रोन है जिसे उड़ते हुए हेलीकॉप्टर के हैच या दरवाजे से बीच हवा में गिराया जा सकता है।
- उद्देश्य: इसका प्राथमिक उद्देश्य हेलीकॉप्टर और पायलट को दुश्मन के मैनपैड्स (MANPADS) या हवाई रक्षा प्रणालियों की पहुंच से दूर रखते हुए सटीक हमला करना है।
- संचालन: यह परियोजना भारतीय वायुसेना के डायरेक्टोरेट ऑफ एयरोस्पेस डिजाइन (DAD) द्वारा संचालित की जा रही है।
- परिचालन तकनीक: ये ड्रोन चलते हुए हेलीकॉप्टर से हवा में लॉन्च किए जाएंगे। लॉन्च के बाद, ड्रोन अपने पंख खोलकर स्वायत्त रूप से लक्ष्य की ओर बढ़ेंगे।
तकनीकी विशेषताएं:
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प्रकार: हाइब्रिड सर्विलांस और लोइटरिंग मूनिशन (Kamikaze Drone)
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ऑपरेशनल रेंज: 50 किमी से 80 किमी के बीच
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सहनशक्ति (Endurance): लगभग 30 मिनट तक हवा में रहने में सक्षम
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सटीकता (Precision): 3 मीटर से कम की लक्ष्य सटीकता
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सेंसर पेलोड: इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल (EO) और इन्फ्रारेड (IR) सेंसर
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नेविगेशन: GPS-जैम्ड या GPS-डेनाइड (GPS-denied) वातावरण में भी कार्य करने में सक्षम।
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सटीक हमला (Kamikaze): आवश्यकता पड़ने पर, यह अपने छोटे वारहेड का उपयोग करके ‘कामिकेज़ ड्रोन’ या ‘लोइटरिंग म्यूनिशन’ के रूप में आत्मघाती हमला कर सकता है।
महत्व:
- स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक क्षमता: आधुनिक युद्ध में हेलीकॉप्टरों की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती है। ‘वायु बाण’ के माध्यम से पायलट सुरक्षित दूरी से दुश्मन के टैंकों, रडार पोस्टों या ठिकानों को नष्ट कर सकेंगे, जिससे ‘एयरक्रू’ के जीवन का जोखिम न्यूनतम हो जाएगा।
- आत्मनिर्भर भारत: यह प्रोजेक्ट पूरी तरह स्वदेशी है और इसमें केवल भारतीय कंपनियों को ही भाग लेने की अनुमति दी गई है। यह रक्षा क्षेत्र में आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम है।
- वैश्विक स्थिति: इस तकनीक के साथ भारत उन चुनिंदा देशों (जैसे अमेरिका और चीन) के समूह में शामिल हो जाएगा जो ‘एयर-लॉन्च इफेक्ट्स’ (ALE) और ड्रोन स्वार्म तकनीक पर काम कर रहे हैं।
- तकनीक का एकीकरण: इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित लक्ष्य पहचान और स्वायत्त नेविगेशन शामिल है, जो इसे भविष्य के युद्धों के लिए तैयार (Future-ready) बनाता है।
