Advanced Short Range Air-to-Air Missile
संदर्भ:
हाल ही में रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रस्ताव के अनुसार, भारतीय वायुसेना के MiG-29UPG लड़ाकू विमानों को अब आधुनिक ASRAAM (Advanced Short Range Air-to-Air Missile) से लैस किया जाएगा।
एडवांस्ड शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (ASRAAM) क्या हैं?
- परिचय: ASRAAM एक चौथी पीढ़ी की इन्फ्रारेड (हीट-सीकिंग) मिसाइल है, जिसे यूरोपीय रक्षा कंपनी MBDA द्वारा विकसित किया गया है। यह ‘विदिन विजुअल रेंज’ (WVR) श्रेणी की मिसाइल है।
- मारक क्षमता (Range): इसकी मारक दूरी 25 किमी से अधिक है, जो पुराने सोवियत युग की R-73 मिसाइल (10-15 किमी) की तुलना में लगभग दोगुनी है।
- गति और चपलता: यह मैक 3 (ध्वनि की गति से तीन गुना) से अधिक की गति प्राप्त कर सकती है और 50g तक के अत्यधिक गुरुत्वाकर्षण बल (G-force) को सहन करने में सक्षम है, जिससे यह दुश्मन के सबसे चुस्त विमानों को भी ट्रैक कर सकती है।
- Fire-and-Forget: लॉन्च के बाद यह स्वायत्त रूप से लक्ष्य का पीछा करती है, जिससे पायलट अन्य खतरों पर ध्यान केंद्रित कर पाता है।
- LOAL (Lock-On After Launch): यह पायलट को लक्ष्य दिखने से पहले ही मिसाइल दागने की अनुमति देती है, जो जटिल युद्ध स्थितियों में एक बड़ा लाभ है।
MiG-29UPG के लिए रणनीतिक महत्व:
MiG-29, जिसे ‘बाज’ (Fulcrum) भी कहा जाता है, दशकों से भारतीय हवाई रक्षा की रीढ़ रहा है। ASRAAM का समावेश इसे निम्नलिखित क्षेत्रों में मजबूती देगा:
- पुराने हथियारों का प्रतिस्थापन: यह 1980 के दशक की पुरानी R-73 मिसाइलों की जगह लेगी, जो आधुनिक युद्ध के खतरों के सामने अप्रभावी साबित हो रही थीं।
- मानकीकरण (Standardization): ASRAAM पहले से ही भारत के LCA Tejas और Jaguar विमानों पर तैनात है। MiG-29 में इसके जुड़ने से वायुसेना के पास विभिन्न प्लेटफॉर्मों के लिए एक समान और आधुनिक मिसाइल इन्वेंट्री होगी, जिससे रसद (Logistics) प्रबंधन आसान होगा।
- बढ़ती हुई घातक क्षमता (Lethality): MiG-29UPG के आधुनिक रडार और एविओनिक्स के साथ ASRAAM का तालमेल इसे एक घातक इंटरसेप्टर बनाता है जो दुश्मन को डॉगफाइट शुरू होने से पहले ही नष्ट कर सकता है।
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क्षेत्रीय सुरक्षा: यह अपग्रेड मुख्य रूप से चीन और पाकिस्तान से उत्पन्न चुनौतियों के जवाब में है:
- चीन की PL-10: चीन अपने J-20 और J-16 विमानों पर PL-10 मिसाइल का उपयोग करता है (रेंज 20-30 किमी)।
- पाकिस्तान की PL-10E: पाकिस्तान ने अपने JF-17 ब्लॉक III विमानों में PL-10 के निर्यात संस्करण को एकीकृत किया है।
- स्वदेशीकरण: ASRAAM कार्यक्रम भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता के अनुरूप है। 2021 के एक समझौते के तहत, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) और MBDA हैदराबाद में इस मिसाइल के फाइनल असेंबली, एकीकरण और परीक्षण (FAIT) की सुविधा स्थापित कर रहे हैं।
