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तेलंगाना में कैंसर नोटिफ़िएबल डिज़ीज़ घोषित

(Cancer declared a notifiable disease in Telangana) तेलंगाना में कैंसर नोटिफ़िएबल डिज़ीज़ घोषित

Cancer declared a notifiable disease in Telangana

संदर्भ:

तेलंगाना सरकार ने हाल ही में जी.ओ. एमएस नंबर 17 (G.O. Ms No 17) जारी कर कैंसर को आधिकारिक तौर पर एक ‘सूचनीय रोग’ (Notifiable Disease) घोषित किया है। यह निर्णय राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी को मजबूत करने और कैंसर के बढ़ते बोझ को ट्रैक करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

  • आधिकारिक सूचना के अनुसार किसी भी संस्थान में कैंसर का निदान होने के 30 दिनों के भीतर उसकी जानकारी सरकारी पोर्टल पर देनी होगी। सरकार द्वारा डेटा संग्रह के लिए एक एकीकृत राज्य पोर्टल लॉन्च किया गया है, जहाँ ‘इन सिटू’ (In situ) और आक्रामक (Invasive) दोनों प्रकार के कैंसरों की रिपोर्टिंग की जाएगी। 

सूचनीय रोग से क्या अभिप्राय है?

सूचनीय रोग (Notifiable Disease) ऐसी बीमारियाँ हैं जिन्हें कानूनन सरकारी अधिकारियों को रिपोर्ट करना अनिवार्य होता है। इसका मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य अधिकारियों को रोग की निगरानी करने और संभावित महामारियों की प्रारंभिक चेतावनी प्राप्त करने में मदद करना है। 

  • जब किसी बीमारी को ‘सूचनीय’ घोषित किया जाता है, तो सभी सरकारी और निजी अस्पतालों, डॉक्टरों और प्रयोगशालाओं के लिए उस बीमारी के हर संदिग्ध या पुष्ट मामले की सूचना स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को देना अनिवार्य हो जाता है।

इसका कानूनी ढांचा:

  • कानूनी अधिदेश: भारत में इसके लिए मुख्य कानूनी ढांचा महामारी रोग अधिनियम, 1897 (Epidemic Diseases Act, 1897) है। इसके अलावा, राज्य सरकारें अपने स्वयं के ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य अधिनियमों’ के तहत भी बीमारियों को अधिसूचित कर सकती हैं।

  • घोषणा का अधिकार: भारत में स्वास्थ्य एक राज्य का विषय (State Subject) है। इसलिए, किसी बीमारी को सूचनीय घोषित करने की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। हालांकि, केंद्र सरकार राष्ट्रीय महत्व की बीमारियों (जैसे टीबी) के लिए दिशानिर्देश जारी करती है।
  • रिपोर्टिंग: सूचना आमतौर पर एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) के माध्यम से भेजी जाती है। तत्काल मामलों में मौखिक सूचना 24 घंटे के भीतर और लिखित रिपोर्ट 3 दिनों के भीतर देनी होती है।

  • चयन के मानदंड (Criteria): किसी बीमारी को इस सूची में तब शामिल किया जाता है जब:
    • वह तेजी से फैलने वाली (Infectious) हो।
    • उसकी मृत्यु दर (Severity) अधिक हो।
    • वह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा हो।
    • अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों (WHO IHR) के तहत रिपोर्टिंग आवश्यक हो।
  • उल्लंघन पर दंड: अधिसूचित बीमारी की रिपोर्ट न करना एक आपराधिक अपराध माना जाता है। दोषी पाए जाने पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 188 के तहत दंड का प्रावधान है, जिसमें जुर्माना या 6 महीने तक की जेल हो सकती है। 

भारत में प्रमुख सूचनीय रोग:

  • बैक्टीरियल: क्षय रोग (Tuberculosis/TB), हैजा (Cholera), कुष्ठ रोग (Leprosy), प्लेग।
  • वायरल: कोविड-19, एड्स (AIDS), डेंगू, हेपेटाइटिस, खसरा (Measles), पोलियो।
  • प्रोटोजोअल: मलेरिया।
  • गैर-संचारी (अपवाद): हाल ही में सांप के काटने (Snakebite) को भी कुछ राज्यों में सूचनीय बनाया गया है ताकि सटीक डेटा एकत्र किया जा सके।

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