भारत और ऑस्ट्रिया द्विपक्षीय समझौता | India and Austria Bilateral Agreement

संदर्भ:
हाल ही में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर की भारत यात्रा के दौरान, भारत और ऑस्ट्रिया के बीच कई प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पिछले चार दशकों में यह पहली बार है जब ऑस्ट्रिया के किसी चांसलर ने भारत का दौरा किया है।
प्रमुख द्विपक्षीय समझौते:
- ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन समझौता: दोनों देशों के फिल्म उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए, जो संयुक्त उत्पादन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाएगा।
- बिजनेस के लिए फास्ट ट्रैक मैकेनिज्म: निवेशकों की चिंताओं को दूर करने और कारोबार करने में आसानी (Ease of Doing Business) में सुधार के लिए भारतीय और ऑस्ट्रियाई कंपनियों के लिए यह तंत्र शुरू किया गया।
- खाद्य सुरक्षा पर समझौता (AGES-FSSAI): ऑस्ट्रिया की AGES और भारत की FSSAI के बीच वैज्ञानिक आदान-प्रदान और नियामक प्रथाओं को बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU)।
- व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास: प्रशिक्षुता प्रणालियों (Apprenticeship systems) और ज्ञान साझा करने पर ध्यान केंद्रित करते हुए एक संयुक्त आशय पत्र (Joint Letter of Intent)।
- साइबर सुरक्षा और उच्च तकनीक: संस्थागत साइबर सुरक्षा संवाद (Institutional Cybersecurity Dialogue) का शुभारंभ और क्वांटम तकनीक, मशीन लर्निंग, और मटेरियल साइंस में सहयोग।
- रक्षा और सामरिक सहयोग: काउंटर-टेररिज्म (आतंकवाद विरोधी) पर संयुक्त कार्य समूह (JSG) स्थापित करने और सैन्य मामलों में सहयोग।
भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंध:
भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंध वर्तमान में एक ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर हैं, जो 2026 में अपने सबसे मजबूत दौर में प्रवेश कर चुके हैं।
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आर्थिक एवं व्यापारिक संबंध (Tariff-Free Era): 1 जनवरी 2026 से, भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA) पूर्णतः लागू हो गया है। अब 100% भारतीय निर्यात ऑस्ट्रेलिया में शून्य शुल्क (zero duty) के साथ प्रवेश कर रहे हैं।
- व्यापार का लक्ष्य: दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन AUD तक पहुँचाना है। वर्तमान में, भारत का निर्यात $8.5 बिलियन (2024-25) को पार कर चुका है।
- CECA की ओर: अब दोनों देश व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को अंतिम रूप देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जो सेवाओं और डिजिटल व्यापार को और बढ़ावा देगा।
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रक्षा एवं सुरक्षा (Strategic Ties): ऑस्ट्रेलिया ने अपनी ‘2026 राष्ट्रीय रक्षा रणनीति’ में भारत को ‘टॉप-टियर’ रक्षा भागीदार नामित किया है।
- समुद्री सुरक्षा: दोनों देश क्वाड (QUAD) के माध्यम से ‘मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक’ के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘मालाबार’ और ‘ऑसइंडेक्स’ (AUSINDEX) जैसे युद्धाभ्यास सैन्य तालमेल को बढ़ाते हैं।
- लॉजिस्टिक्स समझौता: ‘म्युचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट अरेंजमेंट’ के तहत दोनों सेनाएं एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों का उपयोग कर सकती हैं।
- खनिज साझेदारी: भारत की KABIL और ऑस्ट्रेलिया की CMFO के बीच 5 परियोजनाओं (2 लिथियम और 3 कोबाल्ट) पर काम जारी है। यह भारत के इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मिशन के लिए महत्वपूर्ण है।
- ग्रीन पार्टनरशिप: सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन टास्क फोर्स के माध्यम से दोनों देश कार्बन उत्सर्जन कम करने के लिए सहयोग कर रहे हैं।
- MATES योजना: भारतीय पेशेवरों और छात्रों के लिए MATES (Mobility Arrangement for Talented Early-professionals Scheme) के तहत ऑस्ट्रेलिया में काम करने के अवसर बढ़े हैं।
- विदेशी परिसर: ऑस्ट्रेलिया के डीकिन और वोलोंगोंग विश्वविद्यालयों ने भारत (GIFT City) में अपने परिसर खोले हैं।
- प्रवासी: ऑस्ट्रेलिया में लगभग 10 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच एक ‘जीवंत सेतु’ की भूमिका निभाते हैं।