ब्रेकथ्रू प्राइज़ 2026 | Breakthrough Prize 2026

संदर्भ:
हाल ही में ब्रेकथ्रू प्राइज जिसे “ऑस्कर ऑफ साइंस” कहा जाता है, के 14वें संस्करण के विजेताओं की घोषणा की गई। इस वर्ष कुल $18.75 मिलियन की पुरस्कार राशि वितरित की गई है, जिसमें प्रत्येक मुख्य पुरस्कार $3 मिलियन का है।
ब्रेकथ्रू प्राइज़ 2026 के प्रमुख विजेता:
- जीवन विज्ञान (Life Sciences):
- स्टुअर्ट ऑर्किन और स्वी ले थिन: सिकल सेल रोग और बीटा-थैलेसीमिया (घातक रक्त विकार) के उपचार में उनके योगदान के लिए। इनके शोध से दुनिया की पहली CRISPR-आधारित औषधि ‘Casgevy’ विकसित हुई।
- जीन बेनेट, कैथरीन ए. हाई और अल्बर्ट मैगुइरे: अनुवांशिक अंधापन (Inherited Blindness) के लिए पहली FDA-अनुमोदित जीन थेरेपी विकसित करने के लिए।
- रोसा राडेमेकर्स और ब्रायन ट्रेनोर: ALS और डिमेंशिया (FTD) के सबसे सामान्य अनुवांशिक कारणों की खोज के लिए।
- मौलिक भौतिकी (Fundamental Physics):
- Muon g-2 सहयोग (CERN, फर्मीलैब, ब्रुकहेवन): ‘म्यूऑन’ (Muon) के चुंबकीय गुण के सटीक मापन के लिए, जो स्टैंडर्ड मॉडल से परे नई भौतिकी की खोज में सहायक है।
- गणित (Mathematics):
- फ्रैंक मर्ले: गैर-रेखीय विकास समीकरणों (Nonlinear Evolution Equations) और उनकी स्थिरता (Stability) पर क्रांतिकारी कार्य के लिए।
- विशेष पुरस्कार (Special Prize):
- डेविड जे. ग्रॉस: मौलिक भौतिकी में उनके जीवन भर के योगदान और ‘स्ट्रांग न्यूक्लियर फोर्स’ के सिद्धांत को विकसित करने में उनकी भूमिका के लिए स्पेशल ब्रेकथ्रू प्राइज से सम्मानित किया गया।
ब्रेकथ्रू प्राइज़ के बारे में:
- स्थापना: इसकी शुरुआत 2013 में सिलिकॉन वैली के दिग्गजों द्वारा की गई थी, जिनमें मार्क जुकरबर्ग, प्रिसिला चान, सर्गेई ब्रिन, यूरी और जूलिया मिलनर और ऐन वोज्स्की शामिल हैं।
- उद्देश्य: वैज्ञानिकों को समाज के नायक (Heroes) के रूप में पहचान दिलाना और युवाओं को विज्ञान के प्रति प्रेरित करना।
- श्रेणियाँ: मुख्य रूप से तीन श्रेणियाँ—जीवन विज्ञान, मौलिक भौतिकी और गणित।
- पुरस्कार राशि: प्रत्येक विजेता को $3 मिलियन मिलते हैं, जो नोबेल पुरस्कार (~$1 मिलियन) से भी अधिक है।
- CRISPR तकनीक: 2026 के पुरस्कार में Casgevy (जीन एडिटिंग थेरेपी) पर जोर दिया गया है, जो जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology) खंड के लिए महत्वपूर्ण है।
- युवा प्रतिभाओं का सम्मान: इसके तहत $100,000 के ‘न्यू होराइजन्स’ पुरस्कार और महिला गणितज्ञों के लिए ‘मरियम मिर्जाखानी न्यू फ्रंटियर्स’ पुरस्कार भी दिए जाते हैं।
- भारत: पूर्व के वर्षों (जैसे 2025) में भारतीय वैज्ञानिकों (जैसे बोस संस्थान) ने CERN के माध्यम से भौतिकी पुरस्कार में हिस्सा साझा किया था, जो भारत की वैश्विक अनुसंधान क्षमता को दर्शाता है।