शेखा झील पक्षी अभयारण्य | Shekha Lake Bird Sanctuary

संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित शेखा झील पक्षी अभयारण्य (Shekha Jheel Bird Sanctuary) को भारत का 99वां रामसर स्थल घोषित किया गया। इस नई घोषणा के साथ उत्तर प्रदेश में रामसर स्थलों की कुल संख्या 12 हो गई है, जो तमिलनाडु (20 स्थल) के बाद देश में दूसरा सर्वाधिक है।
शेखा झील पक्षी अभयारण्य के बारे में:
- अवस्थिति (Location): यह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ शहर से लगभग 17 किमी पूर्व में शेखा गांव के पास स्थित है।
- उत्पत्ति (Origin): यह एक आंशिक रूप से मानव निर्मित (Man-made) वेटलैंड है, जो 1850 के दशक में अपर गंगा नहर (Upper Ganges Canal) के निर्माण के बाद जल रिसाव और जल जमाव के कारण अस्तित्व में आया था।
- क्षेत्रफल (Area): यह लगभग 25 से 40 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।
- फ्लाईवे महत्व (Flyway Importance): यह सेंट्रल एशियन फ्लाईवे (Central Asian Flyway) पर एक महत्वपूर्ण पड़ाव (Stopover) है, जहाँ सर्दियों के दौरान हजारों प्रवासी पक्षी विश्राम और भोजन के लिए रुकते हैं।
- प्रवासी पक्षी: बार-हेडेड गूज़ (Bar-headed Goose), पेंटेड स्टॉर्क (Painted Stork), उत्तरी पिनटेल और विभिन्न प्रकार की बत्तखें।
- अन्य वन्यजीव: यहाँ नीलगाय (Blue Bull), ब्लैकबक (Blackbuck), नेवला और विभिन्न प्रजातियों की गिलहरियाँ भी पाई जाती हैं।
- जैव विविधता: झील क्षेत्र में पक्षियों की लगभग 249 प्रजातियाँ दर्ज की गई हैं, जिनमें से 62 प्रजातियाँ पूर्णतः आर्द्रभूमि (Wetland dependent) पर निर्भर हैं।
रामसर स्थल का दर्जा मिलने के लाभ:
रामसर स्थल का अर्थ है ‘अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमि’ (Wetland of International Importance)। यह दर्जा मिलने से शेखा झील को निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे:
- पर्यावरण सुरक्षा: आर्द्रभूमि का संरक्षण भूजल पुनर्भरण (Groundwater recharge), बाढ़ नियंत्रण और क्षेत्रीय जलवायु स्थिरता में मदद करता है।
- स्थानीय आजीविका: ईको-टूरिज्म (Eco-tourism) को बढ़ावा मिलने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- अंतरराष्ट्रीय पहचान: इसे अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत रखा जाएगा, जिससे शोध और वैश्विक सहयोग को बल मिलेगा।
भारत में रामसर स्थलों की वर्तमान स्थिति:
- कुल संख्या: 99।
- एशिया में स्थान: भारत अब एशिया में सर्वाधिक रामसर स्थलों वाला देश बन गया है।
- वैश्विक स्थान: ब्रिटेन (176) और मैक्सिको (144) के बाद भारत दुनिया में तीसरे स्थान पर है।
- हालिया अन्य स्थल (2026): फरवरी 2026 में उत्तर प्रदेश के पटना पक्षी विहार (एटा) और गुजरात के छारी-ढंड को भी रामसर सूची में शामिल किया गया था।
- क्षेत्रफल के आधार पर: भारत का सबसे बड़ा रामसर स्थल सुंदरवन (पश्चिम बंगाल) है और सबसे छोटा रेणुका आर्द्रभूमि (हिमाचल प्रदेश) है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: भारत ने 1 फरवरी 1982 को रामसर कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए थे। भारत के पहले रामसर स्थल चिल्का झील (ओडिशा) और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान (राजस्थान) थे।