महाराष्ट्र राज्य संपीड़ित बायोगैस नीति 2026 | Maharashtra State Compressed Biogas Policy 2026

संदर्भ:
हाल ही में महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की ऊर्जा सुरक्षा और अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) की चुनौतियों का समाधान करने के लिए महाराष्ट्र राज्य संपीड़ित बायोगैस (CBG) नीति 2026 को मंजूरी दी है।
नीति की मुख्य विशेषताएं:
- वित्तीय सहायता: नीति के कार्यान्वयन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
- कार्यान्वयन मॉडल: परियोजनाओं को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा।
- प्रोजेक्ट क्षमता: सीबीजी परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 200 टन प्रतिदिन (TPD) प्रसंस्करण क्षमता का मानदंड रखा गया है।
- संस्थागत ढांचा: मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय सुकाणू समिति और जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति गठित की जाएगी।
- डिजिटल एकीकरण: कच्चा माल आपूर्ति और समन्वय के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप विकसित किया जाएगा।
महत्व:
- चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy): यह नीति “वेस्ट-टू-वेल्थ” सिद्धांत पर आधारित है, जहाँ शहरी ठोस कचरे और कृषि अवशेषों को ऊर्जा और जैविक उर्वरक में परिवर्तित किया जाता है।
- पर्यावरणीय लाभ: इससे लैंडफिल साइटों पर कचरे का बोझ कम होगा। मीथेन उत्सर्जन में कमी आएगी, जो ग्लोबल वार्मिंग का एक प्रमुख कारण है। कृषि अवशेषों (जैसे पराली) को जलाने की समस्या का समाधान होगा।
- ऊर्जा आत्मनिर्भरता: भारत वर्तमान में अपनी प्राकृतिक गैस की 50% जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है। यह नीति SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल को बल प्रदान करती है।
- ग्रामीण विकास: किसानों को उनके कृषि कचरे के लिए अतिरिक्त आय मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
- सतत विकास लक्ष्य (SDG): यह नीति विशेष रूप से SDG 7 (सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा), SDG 11 (सतत शहर) और SDG 13 (जलवायु कार्रवाई) के अनुरूप है।
महत्वपूर्ण तथ्य:
- CBG (Compressed Biogas): यह बायोगैस का शुद्ध रूप है जिसमें 90% से अधिक मीथेन होती है और इसे CNG के विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
- HAM (Hybrid Annuity Model): इसमें सरकार और निजी डेवलपर पूंजीगत लागत साझा करते हैं, जिससे निवेश जोखिम कम होता है।
- GOBAR-DHAN योजना: केंद्र सरकार की इस योजना के साथ महाराष्ट्र की यह नीति सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।