17वां पीटर्सबर्ग जलवायु संवाद 2026 | 17th Petersburg Climate Dialogue 2026

संदर्भ:
हाल ही में 17वें पीटर्सबर्ग जलवायु संवाद (Petersberg Climate Dialogue – PCD) का आयोजन बर्लिन, जर्मनी में किया गया। यह संवाद 2026 में होने वाले COP31 के लिए एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
17वें पीटर्सबर्ग जलवायु संवाद के मुख्य बिंदु:
- आयोजन स्थल व तिथि: 21-22 अप्रैल 2026, बर्लिन (जर्मनी)।
- सह-मेजबान: इस वर्ष जर्मनी ने तुर्किये (Türkiye) और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर इसकी मेजबानी की।
- प्रतिभागी: लगभग 40 देशों के मंत्रियों और उच्च स्तरीय प्रतिनिधियों ने इसमें हिस्सा लिया।
- प्रमुख चर्चा के विषय: इस वर्ष का संवाद मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर केंद्रित रहा: [8]
- पेरिस समझौते का कार्यान्वयन: राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदानों (NDCs) की प्रगति की समीक्षा करना।
- अंतर्राष्ट्रीय जलवायु वित्त (Climate Finance): विकासशील देशों के लिए वित्तीय सहायता सुनिश्चित करना, विशेष रूप से अनुकूलन (Adaptation) के लिए।
- भू-राजनीतिक लचीलापन (Geopolitical Resilience): ऊर्जा संकट के बीच जलवायु लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्धता बनाए रखना।
- ऊर्जा संक्रमण और विद्युतीकरण: जर्मन मंत्रियों ने जीवाश्म ईंधन की भेद्यता को रेखांकित करते हुए ‘नवीकरणीय ऊर्जा’ और ‘विद्युतीकरण’ (Electrification) को अगला बड़ा मोर्चा बताया।
- वित्त का अंतर: संवाद में यह स्वीकार किया गया कि विकसित देशों द्वारा प्रतिवर्ष 100 बिलियन डॉलर देने का लक्ष्य अभी भी ग्लोबल साउथ की वास्तविक आवश्यकताओं की तुलना में बहुत कम है।
- ऊर्जा सुरक्षा: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण बढ़ी ऊर्जा कीमतों ने नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बदलाव को और अधिक अनिवार्य बना दिया है।
पीटर्सबर्ग जलवायु संवाद (PCD) का इतिहास:
- उद्देश्य: इसकी शुरुआत वर्ष 2009 में कोपेनहेगन जलवायु शिखर सम्मेलन (COP15) की विफलता के बाद हुई, जहाँ देश किसी ठोस नतीजे पर पहुँचने में असफल रहे थे।
- पहल: जर्मनी की तत्कालीन चांसलर एंजेला मर्केल ने वार्ताकारों और देशों के बीच विश्वास बहाल करने के लिए एक अनौपचारिक मंच की आवश्यकता महसूस की।
- प्रथम बैठक: पहला संवाद 2-4 अप्रैल 2010 को जर्मनी के बॉन (Bonn) के पास ‘पीटर्सबर्ग’ नामक पहाड़ी पर स्थित होटल में आयोजित किया गया था, जिसके नाम पर इसका नाम ‘पीटर्सबर्ग संवाद’ पड़ा।
- वार्षिक आयोजन: 2010 के बाद से यह हर साल आयोजित किया जाता है। पहले इसका आयोजन बॉन में हुआ, लेकिन बाद के वर्षों में यह मुख्य रूप से बर्लिन में आयोजित होने लगा।
- सह-मेजबानी: जर्मनी इस मंच का स्थायी मेजबान है, लेकिन वह हर साल उस देश के साथ मिलकर इसकी सह-मेजबानी करता है जो आगामी COP (Conference of Parties) का अध्यक्ष होता है। उदाहरण के लिए, 2023 में यूएई (COP28) और 2026 में तुर्किये (COP31) इसके सह-मेजबान रहे।
- प्रमुख मुद्दे: इतिहास में यह संवाद मुख्य रूप से जलवायु वित्त (Climate Finance), अनुकूलन, और हाल के वर्षों में ‘हानि और क्षति’ (Loss and Damage) जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा का केंद्र रहा है।