अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस शिखर सम्मेलन 2026

संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने प्रथम अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) शिखर सम्मेलन 2026 की आधिकारिक वेबसाइट और लोगो (Logo) का अनावरण किया। यह सम्मेलन 1 और 2 जून, 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य दुनिया की सात प्रमुख ‘बिग कैट’ प्रजातियों के संरक्षण के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करना है।
शिखर सम्मेलन का लोगो और वेबसाइट:
- वेबसाइट का विमोचन: आधिकारिक वेबसाइट ibcasummit.org को शिखर सम्मेलन के लिए एक केंद्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में लॉन्च किया गया है।
- यह वेबसाइट आगामी कार्यक्रमों, एजेंडा, संरक्षण रणनीतियों और सम्मेलन से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं के लिए मुख्य स्रोत होगी।
- लोगो: इस शिखर सम्मेलन के लोगो में सात बिग कैट प्रजातियों को केंद्र में रखा गया है, जो एकता और साझा जिम्मेदारी का प्रतीक हैं।
- इसके चारों ओर कमल के समान आकृति बनी है, जो प्रकृति के पांच तत्वों (पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश) का प्रतिनिधित्व करती है।
- यह लोगो पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन और वैश्विक सहयोग के जरिए सतत संरक्षण के प्रति भारत के नेतृत्व को दर्शाता है।
शिखर सम्मेलन 2026: मुख्य विवरण
- विषय (Theme): “बड़ी बिल्लियों को बचाएं, मानवता को बचाएं, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाएं” (Save Big Cats, Save Humanity, Save Ecosystem)।
- लक्ष्य: यह दुनिया का पहला ऐसा उच्च-स्तरीय सम्मेलन है जो विशेष रूप से बिग कैट्स के संरक्षण के लिए समर्पित है।
- सहभागी: इसमें 95 ‘रेंज देशों’ (जहां ये प्रजातियां पाई जाती हैं) के राष्ट्राध्यक्षों, नीति निर्माताओं, वैज्ञानिकों और संरक्षण विशेषज्ञों सहित 400 से अधिक प्रतिनिधियों के भाग लेने की उम्मीद है।
- नई दिल्ली घोषणा: इस शिखर सम्मेलन के दौरान ‘नई दिल्ली घोषणा’ (New Delhi Declaration) को अपनाए जाने की संभावना है, जो बिग कैट संरक्षण पर दुनिया का पहला वैश्विक घोषणापत्र होगा।
अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA):
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स्थापना |
9 अप्रैल, 2023 (प्रोजेक्ट टाइगर के 50 वर्ष पूरे होने पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा घोषित)। |
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प्रजातियां (7) |
बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा। |
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मुख्यालय |
नई दिल्ली, भारत। |
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प्रकृति |
यह एक संधि-आधारित अंतर-सरकारी संगठन है (23 जनवरी 2025 से प्रभावी)। |
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वित्त पोषण |
भारत सरकार ने 5 वर्षों (2023-24 से 2028-29) के लिए ₹150 करोड़ का बजटीय समर्थन दिया है। |
संरक्षण का महत्व:
बिग कैट्स पारिस्थितिकी तंत्र में ‘शीर्ष शिकारी’ (Apex Predators) के रूप में कार्य करती हैं। उनका संरक्षण न केवल जैव विविधता को बनाए रखता है, बल्कि जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन, जल सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के लिए आजीविका के अवसर भी सुनिश्चित करता है।
- भारत, जो दुनिया की 75% से अधिक जंगली बाघों की आबादी का घर है, अपनी ‘प्रोजेक्ट टाइगर’ जैसी सफलताओं के अनुभव को वैश्विक स्तर पर साझा करने के लिए इस मंच का नेतृत्व कर रहा है।
- IBCA सात बड़ी बिल्लियों के संरक्षण पर केंद्रित है: टाइगर, शेर, तेंदुआ, हिमतेंदुआ, चीता, जगुआर, प्यूमा
- भारत में पाई जाने वाली पाँच प्रजातियाँ: टाइगर, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ और चीता। जगुआर और प्यूमा भारत में नहीं पाए जाते।