ICGS अचल

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने अत्याधुनिक पोत आईसीजीएस अचल (ICGS Achal) को सेवा में शामिल किया। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) में आयोजित एक औपचारिक समारोह में रक्षा मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ए. अंबरासु ने इसे राष्ट्र को समर्पित
आईसीजीएस अचल के बारे में:
- परिचय: आईसीजीएस अचल ‘नई पीढ़ी की अदम्य-श्रेणी’ (Adamya-class) के ‘त्वरित गश्ती पोतों’ (Fast Patrol Vessels – FPV) की श्रृंखला का पांचवां पोत है।
- लंबाई और विस्थापन: इसकी कुल लंबाई 51 मीटर है और इसका भार विस्थापन लगभग 320 टन है।
- प्रणोदन प्रणाली (Propulsion): यह पोत 3,000 किलोवाट के दो डीजल इंजनों द्वारा संचालित होता है, जो इसे 27 समुद्री मील (knots) की अधिकतम गति प्रदान करते हैं।
- परिचालन क्षमता (Endurance): किफायती गति पर इसकी परिचालन सीमा 1,500 समुद्री मील है, जो इसे विस्तारित मिशनों के लिए उपयुक्त बनाती है।
- हथियार प्रणाली: यह 30 मिमी की CRN-91 गन और दो 12.7 मिमी स्थिर रिमोट-नियंत्रित बंदूकों (SRCG) से सुसज्जित है।
- चालक दल: कमांडेंट नवीन कुमार के नेतृत्व में इस पर 5 अधिकारी और 34 कर्मी तैनात रहेंगे।
- स्वदेशी घटक: इस पोत के निर्माण में 60% से अधिक स्वदेशी उपकरणों का उपयोग किया गया है।
- तकनीकी नवाचार: यह स्वदेशी रूप से विकसित ‘कंट्रोलेबल पिच प्रोपेलर’ (CPP) और उच्च-परिशुद्धता गियरबॉक्स से सुसज्जित है, जो समुद्री संचालन में उत्कृष्ट लचीलापन सुनिश्चित करते हैं।
- आर्थिक प्रभाव: लगभग 473 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को सशक्त बनाने और स्थानीय रोजगार सृजित करने में सहायक रही है।
रणनीतिक भूमिका और तैनाती:
आईसीजीएस अचल को गुजरात के वाडि़नार (Vadinar) में तैनात किया जाएगा, जो तटरक्षक क्षेत्र (उत्तर-पश्चिम) के प्रशासनिक नियंत्रण में आता है। इसकी मुख्य भूमिकाएं निम्नलिखित होंगी:
- निगरानी: तटीय और अपतटीय क्षेत्रों में निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना।
- अवरोधन और सुरक्षा: समुद्री सीमाओं पर संदिग्ध गतिविधियों को रोकना और तस्करी विरोधी अभियानों को प्रभावी बनाना।
- खोज एवं बचाव (SAR): समुद्र में संकट के समय जीवन बचाने के मिशनों का संचालन करना।
- पर्यावरण संरक्षण: समुद्री प्रदूषण (जैसे तेल रिसाव) से निपटने के लिए परिचालन सहायता प्रदान करना।
रणनीतिक महत्व:
- समुद्री सुरक्षा ढांचा: 26/11 के हमलों के बाद भारत ने अपनी त्रि-स्तरीय समुद्री सुरक्षा (भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और तटीय पुलिस) को सुदृढ़ किया है। आईसीजीएस अचल जैसी एफपीवी इस सुरक्षा घेरे की एक महत्वपूर्ण कड़ी है।
- विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा: भारत का ईईजी लगभग 23.7 लाख वर्ग किमी में फैला है। इसकी सुरक्षा के लिए 2030 तक तटरक्षक बल के बेड़े को लगभग 200 जहाजों तक ले जाने का लक्ष्य है।
- क्षेत्रीय स्थिरता: ‘अचल’ (जिसका अर्थ है अडिग) भारत की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में एक ‘नेट सुरक्षा प्रदाता’ के रूप में उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।