स्वदेशी हथियार प्रणाली ULPGM और AGNIKAA VTOL-1

संदर्भ:
हाल ही में भारतीय सेना ने आपातकालीन खरीद (Emergency Procurement – EP-6) के तहत अपनी लड़ाकू क्षमताओं को बढ़ावा देते हुए दो अत्याधुनिक स्वदेशी हथियार प्रणालियों—ULPGM और AGNIKAA VTOL-1 कामिकाज़े ड्रोन (Kamikaze Drone)—को अपने बेड़े में शामिल किया।
UAV-लॉन्च प्रिसिजन गाइडेड मुनिशन (ULPGM):
ULPGM (UAV-Launched Precision Guided Munition) भारत की पहली स्वदेशी श्रेणी का ‘लॉइटरिंग मुनिशन’ (Loitering Munition) है, जिसे DRDO और अडानी डिफेंस ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। यह मानवरहित हवाई वाहनों (UAV) से लॉन्च होकर सटीक हमला करने में सक्षम मिसाइल प्रणाली है।
- वॉरहेड क्षमता: यह प्रणाली 2 किलोग्राम का अत्याधुनिक वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
- सटीकता (Accuracy): इसका CEP (Circular Error Probable) मात्र 1 मीटर है, जो अत्यधिक घने या संवेदनशील क्षेत्रों में भी अचूक निशाना सुनिश्चित करता है।
- रेंज और परिचालन: जिस मूल यूएवी प्लेटफॉर्म से इसे लॉन्च किया जाता है, उसकी परिचालन रेंज 20 किलोमीटर तक है, जबकि लॉन्च होने के बाद इस प्रिसिजन मुनिशन की खुद की स्ट्राइक रेंज 2.5 किलोमीटर (रात में) से 4 किलोमीटर (दिन में) तक होती है।
- सीकर तकनीक: लक्ष्यों को खोजने के लिए इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड (IIR) सीकर का उपयोग किया जाता है। यह तकनीक शून्य दृश्यता, घने कोहरे या रात के अंधेरे में भी थर्मल सिग्नेचर के आधार पर स्थिर और गतिशील दोनों लक्ष्यों को ट्रैक करती है।
- वेरिएंट्स (V1, V2 और V3): इसके तीन रूप हैं। V1 एक 5 किलोग्राम वजनी प्रोपल्शन-मुक्त ग्लाइड मुनिशन है। V2 वेरिएंट 8.5 किलोग्राम वजनी है, जिसमें सॉलिड-फ्यूल आधारित रॉकेट मोटर लगी है। V3 वेरिएंट अधिक रेंज (10 किमी) और एस-बैंड आरएफ सीकर से लैस है।
- ईडब्ल्यू लचीलापन: इसे रिट्रैक्टेबल (retractable) यूएवी प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया गया है। यह एंटी-जामिंग और एंटी-स्पूपिंग प्रणालियों से लैस है, जिससे दुश्मन के इलेक्ट्रॉनिक जैमर्स के बीच भी इसका संचार नहीं टूटता।
AGNIKAA VTOL-1 FPV कामिकाज़े ड्रोन:
AGNIKAA VTOL-1 भारत का अपनी श्रेणी का पहला FPV (First-Person View) कामिकाज़े (सुसाइड/आत्मघाती) ड्रोन है। इसे विशेष रूप से तुरंत और आक्रामक रणनीतिक हमलों के लिए डिजाइन और निर्मित किया गया है।
- उड़ान क्षमता (VTOL): इसमें वर्टिकल टेक-ऑफ और लैंडिंग की सुविधा है। इसके लिए किसी पारंपरिक रनवे की आवश्यकता नहीं होती। इसे उबड़-खाबड़ रास्तों, घने जंगलों या लद्दाख/अरुणाचल जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी पोस्ट से भी सीधे हवा में लॉन्च किया जा सकता है।
- रेंज और गति: इस ड्रोन की परिचालन रेंज 5 किलोमीटर है। इसकी अधिकतम गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा है और यह लगातार 30 मिनट तक हवा में रहकर (Endurance) दुश्मन की टोह ले सकता है।
- FPV तकनीक: फर्स्ट-पर्सन व्यू तकनीक के कारण ऑपरेटर विशेष चश्मे या स्क्रीन के जरिए ड्रोन के कैमरे से रियल-टाइम वीडियो फीड देखता है। इससे ऑपरेटर को ऐसा अनुभव होता है जैसे वह खुद ड्रोन के अंदर बैठा हो, जिससे छिपकर बैठे दुश्मनों पर भी सटीक प्रहार संभव होता है।
- घातक दायरा (Lethality Radius): मानव लक्ष्यों (सैनिकों) और हल्के बख्तरबंद/सॉफ्ट-स्किन्ड वाहनों के खिलाफ इसका मारक अर्धव्यास (लेथैलिटी रेडियस) 5 मीटर है।
- सुरक्षा प्रोटोकॉल: दुर्घटनाओं को रोकने और ऑपरेटर की सुरक्षा के लिए इसमें 3-स्तरीय ट्रिगर मैकेनिज्म और 4-परतीय सुरक्षा प्रणाली (Trigger Safety System) शामिल की गई है।