7वीं लॉजिस्टिक्स ईज़ अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स 2025 रिपोर्ट

संदर्भ:
हाल ही में रसद सुगमता विभिन्न राज्यों में (LEADS) 2025 रिपोर्ट का 7वां संस्करण वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा जारी किया गया। इस रिपोर्ट में प्रतिस्पर्धी और सहकारी संघवाद को बढ़ावा देकर देश में रसद (लॉजिस्टिक्स) लागत को कम करने और दक्षता बढ़ाने के लिए राज्यों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है।
LEADS 2025 रिपोर्ट के मुख्य बिंदु:
- त्रितीय से चतुर्थ-स्तरीय वर्गीकरण में बदलाव: इस संस्करण में राज्यों के मूल्यांकन ढांचे को पुराने 3-स्तरीय मॉडल (Achievers, Fast Movers, Aspirers) से बदलकर एक नए 4-स्तरीय प्रदर्शन ढांचे (Four-Tier Framework) में परिवर्तित किया गया है।
- वर्गीकरण की चार नई श्रेणियाँ: राज्यों को अब उनकी रसद परिपक्वता के आधार पर चार श्रेणियों में विभाजित किया गया है: Exemplars (सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन), High Performers (उच्च प्रदर्शन), Accelerators (गति पकड़ने वाले राज्य), और Growth Seekers (प्रारंभिक चरण के राज्य)।
- Exemplars (अनुकरणीय श्रेणी) के शीर्ष राज्य: इस शीर्ष श्रेणी में तटीय राज्यों में तमिलनाडु, लैंडलॉक राज्यों में उत्तर प्रदेश, पूर्वोत्तर में मिजोरम, और केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली शामिल हैं।
- High Performers (उच्च प्रदर्शन करने वाले राज्य): इस श्रेणी में प्रमुख रूप से गुजरात, केरल, महाराष्ट्र, और तेलंगाना को स्थान मिला है जिन्होंने रसद संकेतकों पर लगातार मजबूत परिणाम दिखाए हैं।
- Accelerators (सुधार की ओर अग्रसर राज्य): इस वर्ग में आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, और कर्नाटक जैसे राज्य शामिल हैं, जो हाल के वर्षों में तेजी से नीतिगत सुधार लागू कर रहे हैं।
- Growth Seekers (बुनियादी स्तर के राज्य): इस श्रेणी में पश्चिम बंगाल, राजस्थान, और सिक्किम को रखा गया है जो वर्तमान में अपने रसद संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के शुरुआती चरण में हैं।
- वस्तुनिष्ठ संकेतकों पर अधिक बल: मूल्यांकन की सटीकता और निष्पक्षता बढ़ाने के लिए इस बार 59% भारांश (Weightage) वस्तुनिष्ठ (Objective) संकेतकों को दिया गया है, जबकि शेष भारांश हितधारकों के धारणा-आधारित सर्वेक्षणों (Perception-based data) पर निर्भर है।
- डेटा-संचालित तकनीकी नवाचार: इस रिपोर्ट में पहली बार यात्रा के समय, ट्रक की गति और टोल/बॉर्डर पर प्रतीक्षा समय को मापने के लिए 5-7 प्रमुख राष्ट्रीय कॉरिडोर का प्रदर्शन मूल्यांकन शामिल किया गया है।
- API आधारित वास्तविक समय मूल्यांकन: प्रमुख सड़क गलियारों पर वाहनों की गति की खंड-वार (Section-wise) जांच के लिए API-सक्षम रीयल-टाइम डेटा ट्रांसफर का उपयोग किया गया है ताकि डेटा पूर्वाग्रहों को दूर किया जा सके।
- राष्ट्रीय नीतियों के साथ एकीकरण: यह ढांचा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (PM GatiShakti) और राष्ट्रीय रसद नीति (NLP) 2022 के उद्देश्यों के साथ सीधे तौर पर एकीकृत है।
- लॉजिस्टिक्स लागत का लक्ष्य: रिपोर्ट भारत की रसद लागत को वर्तमान जीडीपी के लगभग 8% के स्तर से घटाकर वैश्विक मानकों (एकल अंक) के अनुरूप लाने की रणनीति पर जोर देती है।
- सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद: यह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपस में बेंचमार्क स्थापित करने, अपनी कमियों की पहचान करने और लक्षित रसद सुधारों को प्राथमिकता देने में मदद करता है।
- LEAPS 2025 पुरस्कार: रिपोर्ट के विमोचन के साथ ही रसद क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्टार्टअप्स, एमएसएमई (MSMEs) और कोर लॉजिस्टिक्स संस्थाओं को 13 विभिन्न श्रेणियों में ‘लॉजिस्टिक्स एक्सीलेंस, एडवांसमेंट एंड परफॉर्मेंस शील्ड’ (LEAPS) पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
- सस्टेनेबल लॉजिस्टिक्स स्तंभ: बुनियादी ढांचे और सेवाओं के साथ-साथ इस बार ‘सतत रसद’ (Sustainable Logistics) को एक प्रमुख स्तंभ के रूप में शामिल किया गया है, जो हरित परिवहन और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने पर केंद्रित है।
- वैश्विक निर्यात लक्ष्यों का समर्थन: यह सुदृढ़ रसद प्रणाली वित्तीय वर्ष 2025-26 के ऐतिहासिक 863 बिलियन अमरीकी डॉलर के निर्यात को आगे बढ़ाते हुए आने वाले समय में 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करने का एक मुख्य आधार है।