भारत-वियतनाम समझौता

संदर्भ:
हाल ही में भारत और वियतनाम ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
भारत-वियतनाम रक्षा और तकनीकी समझौता
- संस्थानों की भागीदारी: भारत के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (MCTE) और वियतनाम की टेलीकम्यूनिकेशंस यूनिवर्सिटी के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) का आदान-प्रदान किया गया।
- दोनों देश उभरती हुई सैन्य तकनीकों, साइबर सुरक्षा, और सुरक्षित क्वांटम संचार (जैसे क्रिप्टोग्राफी) के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।
- AI प्रयोगशाला: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम के न्हा ट्रांग (Nha Trang) स्थित टेलीकम्यूनिकेशंस यूनिवर्सिटी में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रयोगशाला (AI Lab) स्थापित करने की घोषणा की।
- भाषा प्रयोगशाला: वियतनाम के एयर फ़ोर्स ऑफिसर्स कॉलेज में भारतीय वित्तीय सहायता से निर्मित एक अत्याधुनिक लैंग्वेज लैब (भाषा प्रयोगशाला) का दोनों रक्षा मंत्रियों द्वारा वर्चुअल उद्घाटन किया गया।
- क्षमता निर्माण: भारत ने वियतनाम की सैन्य आधुनिकीकरण योजनाओं और क्षमता संवर्द्धन पहलों को निरंतर समर्थन देने की प्रतिबद्धता दोहराई।
- संयुक्त अभ्यास और प्रशिक्षण: दोनों देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण सहयोग, रक्षा उद्योग सहयोग, साइबर सुरक्षा, और संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति मिशनों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
- इंडो-पैसिफिक में स्थिरता: दोनों पक्षों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation), सुरक्षा और शांति बनाए रखने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया।
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भारत-वियतनाम संबंध:
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