आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 (Emergency Credit Guarantee Scheme 5.0)
संदर्भ:
हाल ही में आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 (ECLGS 5.0) ने लॉन्च के एक माह के भीतर 1 लाख से अधिक गारंटी जारी कर ₹48,484.26 करोड़ की ऋण सुरक्षा प्रदान करने का ऐतिहासिक मील का पत्थर हासिल किया।
आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 (ECLGS 5.0) क्या हैं?
- परिचय: आपातकालीन ऋण गारंटी योजना 5.0 (Emergency Credit Line Guarantee Scheme – ECLGS 5.0) एक सरकारी समर्थित, संपार्श्विक-मुक्त (Collateral-free) क्रेडिट गारंटी पहल है।
- इसके तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को शत-प्रतिशत या आंशिक क्रेडिट गारंटी दी जाती है, ताकि वे आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावित व्यवसायों को अतिरिक्त कार्यशील पूंजी ऋण जारी कर सकें।
- उद्देश्य: भू-राजनीतिक झटकों से उत्पन्न व्यावसायिक अनिश्चितताओं और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) के व्यवधानों से निपटने के लिए लक्षित सहायता देना।
- सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) और विमानन (Airline) जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अल्पकालिक नकदी की कमी को दूर करना।
- व्यवसायों को बंद होने से बचाना, औद्योगिक उत्पादन निर्बाध रखना और बड़े पैमाने पर संभावित छंटनी या नौकरियों के नुकसान को रोकना।
- मंजूरी तिथि: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 5 मई, 2026 को इसे मंजूरी दी गई।
- शुरुआत (Commencement): योजना के परिचालन दिशानिर्देश 8 मई, 2026 से प्रभावी हुए।
- नोडल मंत्रालय: यह भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के तहत वित्तीय सेवा विभाग (DFS) द्वारा प्रायोजित है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: इसका प्रबंधन नेशनल क्रेडिट गारंटी ट्रस्टी कंपनी लिमिटेड (NCGTC) द्वारा एक ट्रस्टी के रूप में किया जा रहा है, जो DFS की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
- बजट: इस योजना के तहत ₹2,55,000 करोड़ (2.55 Trillion) के कुल अतिरिक्त ऋण प्रवाह का लक्ष्य रखा गया है।
- इसमें से ₹5,000 करोड़ का विशेष आवंटन निर्धारित यात्री विमानन (Scheduled Passenger Airline) क्षेत्र के लिए किया गया है।
- ऋण की किश्तें ₹1,05,000 करोड़ के चरणों में जारी की जा रही हैं।
- अवधि (Tenor): यह योजना 31 मार्च, 2027 तक या ₹2,55,000 करोड़ की गारंटी सीमा समाप्त होने तक (जो भी पहले हो) वैध रहेगी।
Government Credit Guarantee Scheme की प्रमुख विशेषताएं:
| विशिष्टता | सामान्य क्षेत्र (MSMEs & Non-MSMEs) | विमानन क्षेत्र (Airline Sector) |
| पात्रता मानदंड (Eligibility) | 31.3.2026 को फंड-आधारित कार्यशील पूंजी सीमा रखने वाले ‘मानक खाते’ (Standard Accounts) | 31.3.2026 तक फंड और गैर-फंड आधारित ऋण वाले मानक खाते |
| ऋण की मात्रा (Quantum) | FY 2025-26 की चौथी तिमाही में उपयोग की गई अधिकतम कार्यशील पूंजी का 20% | चौथी तिमाही में बकाया कुल ऋण का 100% तक |
| अधिकतम सीमा (Cap) | प्रति उधारकर्ता अधिकतम ₹100 करोड़ | प्रति उधारकर्ता अधिकतम ₹1,500 करोड़ (प्रमोटर इक्विटी शर्तों के साथ) |
| गारंटी कवरेज (Coverage) | MSMEs के लिए 100%; गैर-MSMEs के लिए 90% | विमानन कंपनियों के लिए 90% |
| ऋण अवधि (Tenor) | 5 वर्ष (1 वर्ष के मोरेटोरियम/स्थगन सहित) | 7 वर्ष (2 वर्ष के मोरेटोरियम सहित) |
| ब्याज दर (Interest Rate) | बैंकों के लिए: अधिकतम 9% वार्षिक (EBLR/MCLR + 0.75%); NBFCs के लिए: अधिकतम 13% | ऋणदाता संस्थान की बोर्ड द्वारा स्वीकृत नीति के अनुसार |
| गारंटी शुल्क (Guarantee Fee) | बैंकों या वित्तीय संस्थानों से कोई गारंटी शुल्क (Nil Fee) नहीं लिया जाएगा। | |
| अपवर्जन (Exclusions) | गैर-MSME क्षेत्रों में NBFC, बिजली उत्पादन, दूरसंचार, आईटी उद्योग, शिक्षा संस्थान, चीनी-इथेनॉल इकाइयां और तंबाकू उद्योग इस योजना के दायरे से बाहर हैं। | |
FAQs:
1. ECLGS 5.0 क्या है?
यह केंद्र सरकार की संपार्श्विक-मुक्त क्रेडिट गारंटी योजना है, जो वैश्विक संकटों के बीच प्रभावित व्यवसायों को अतिरिक्त आपातकालीन ऋण प्रदान करती है।
2. इस योजना का लाभ किसे मिलेगा?
इसका लाभ MSMEs, गैर-MSMEs और विमानन क्षेत्र के उन उधारकर्ताओं को मिलेगा जिनका ऋण खाता 31 मार्च, 2026 तक ‘मानक’ श्रेणी में था।
3. योजना का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट के कारण नकदी संकट और आपूर्ति श्रृंखला व्यवधानों से जूझ रहे व्यवसायों को तत्काल तरलता सहायता देना है।
4. MSMEs को इससे क्या लाभ होगा?
MSMEs को बिना किसी अतिरिक्त गारंटी के 100% सरकारी सुरक्षा के साथ कम ब्याज पर कार्यशील पूंजी ऋण मिलेगा, जिससे उनका व्यवसाय सुचारू रहेगा।
5. ECLGS 5.0 के तहत ऋण कैसे प्राप्त करें?
पात्र व्यवसाय जन समर्थ पोर्टल (jansamarth.in) पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या उद्यम प्रमाणपत्र के साथ अपने मौजूदा ऋणदाता बैंक शाखा से संपर्क कर सकते हैं।
