जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA Housing Scheme)
संदर्भ:
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) परिसर के निर्माण को मंजूरी दी। यह अमरावती और पूरे आंध्र प्रदेश राज्य में केंद्र सरकार का पहला GPRA प्रोजेक्ट है। जिसके लिए ₹1,234.91 करोड़ का बजट आवंटित है।
जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन (GPRA) क्या हैं?
- परिचय: सामान्य पूल आवासीय आवास (GPRA) से तात्पर्य केंद्र सरकार के स्वामित्व वाले उन आवासीय क्वार्टरों/मकानों से है जो ‘संपदा निदेशालय’ (Directorate of Estates) के प्रशासनिक नियंत्रण में आते हैं।
- ये आवास राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली और देश के लगभग 60 से अधिक अन्य प्रमुख शहरों (जैसे मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, चंडीगढ़ और हाल ही में स्वीकृत अमरावती) में स्थित हैं।
- उद्देश्य: सरकारी कर्मचारियों को निजी बाजार की महंगी दरों से बचाकर उनके बजट के अनुकूल सुरक्षित आवास देना।
- कर्मचारियों को उनके कार्यालयों (Workplaces) के नजदीक आवास आवंटित करना ताकि दैनिक आवागमन का समय बचे और कार्यक्षमता में सुधार हो।
- वरिष्ठता और वेतनमान के आधार पर बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र कर्मचारियों को स्वचालित प्रणाली से निष्पक्षतापूर्वक घर आवंटित करना।
- नोडल मंत्रालय: GPRA योजना का पूर्ण प्रबंधन आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs – MoHUA) के अधीन काम करने वाले संपदा निदेशालय (Directorate of Estates) द्वारा किया जाता है।
- इन आवासों के भौतिक निर्माण, रखरखाव और सिविल कार्यों की जिम्मेदारी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) की होती है।
- वित्तपोषण: GPRA के तहत नई परियोजनाओं का निर्माण और पुराने परिसरों का पुनर्विकास भारत सरकार द्वारा केंद्रीय बजट (Budgetary Support) के माध्यम से पूरी तरह वित्तपोषित किया जाता है।
मुख्य विशेषताएं:
- डिजिटल आवंटन प्रणाली: आवासों का आवंटन पूरी तरह से ऑनलाइन पोर्टल e-Sampada (ई-संपदा) के माध्यम से ‘ऑटोमेटेड सिस्टम ऑफ अलॉटमेंट’ (ASA) द्वारा पारदर्शी रूप से किया जाता है।
- वेतनमान के आधार पर श्रेणियां (Types): सरकारी नियमावली (CGGPRA Rules, 2017) के अनुसार, आवासों को Type I, II, III, IV से लेकर Type VIII और हॉस्टल जैसी श्रेणियों में विभाजित किया गया है।
- कर्मचारी का ‘पे-मैट्रिक्स लेवल’ (Pay Matrix Level) यह तय करता है कि वह किस टाइप के मकान के लिए पात्र है।
- पात्रता मानदंड (Eligibility): वे सभी केंद्रीय कर्मचारी जिनका वेतन भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से दिया जाता है और जिनका कार्यालय स्वीकृत भौगोलिक सीमा में है, इसके पात्र हैं। कुछ मामलों में दिल्ली सरकार (GNCTD) के कर्मचारी भी इसमें शामिल होते हैं।
- एकीकृत प्रतीक्षा सूची (Unified Waiting List): पहली बार आवेदन करने वाले और मकान बदलने (Change of Accommodation) की इच्छा रखने वाले कर्मचारियों को एक ही एकीकृत सूची में जोड़कर वरिष्ठता (Priority Date) के आधार पर आवंटन होता है।
- महिला अधिकारियों के लिए विशेष कोटा: विवाहित और एकल महिला अधिकारियों के लिए सामान्य पूल के भीतर एक अलग ‘लेडी ऑफिसर्स पूल’ (Lady Officers Pools) का प्रावधान है।
अमरावती Government Residential Accommodation परियोजना की मुख्य विशेषताएं:
- परियोजना का आकार व क्षमता: यह परिसर 17 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा, जिसमें 11 आवासीय टावर बनाए जाएंगे। कुल 1,504 आवास (Dwelling Units) तैयार किए जाएंगे जो Type II से Type VI श्रेणियों के होंगे।
- तकनीकी विनिर्देश (Technical Specifications): परियोजना का कुल निर्मित क्षेत्र (Total Built-up Area) 31.30 लाख वर्ग फुट है, जिसमें 9.10 लाख वर्ग फुट का बेसमेंट क्षेत्र शामिल है। यह बेसमेंट 1,972 वाहनों (ECS) की पार्किंग क्षमता से लैस होगा।
- न्यूनतम GRIHA 4-Star रेटिंग हासिल करने के लिए डिजाइन और पंजीकृत किया जाएगा। [1]
- नीतिगत अनुपालन: यह निर्माण ऊर्जा संरक्षण और सतत भवन कोड (ECSBC) 2024 और इको-निवास संहिता (ENS) 2024 के नवीनतम प्रावधानों के सख्त अनुपालन में किया जा रहा है।
- पर्यावरणीय रणनीतियाँ: इसमें स्थायी साइट योजना, उन्नत ऊर्जा दक्षता, जल संरक्षण और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्रियों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
- दिव्यांग अनुकूल: परिसर ‘सुगम्य भारत अभियान’ के सिद्धांतों के तहत बाधा मुक्त निर्मित वातावरण (Barrier-Free Environment) प्रदान करेगा ताकि दिव्यांगजनों (Persons with Disabilities) को पूर्ण पहुंच प्राप्त हो सके।
- सामाजिक बुनियादी ढांचा: परिसर के भीतर बैंक, एटीएम, डाकघर, क्रेच (Crèche), कम्युनिटी हॉल, फूड कोर्ट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सर्विस सेंटर और एक गेस्ट हाउस जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
इस सरकारी आवास योजना का महत्व:
- सहकारी संघवाद: आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) अधिनियम, 2026 द्वारा अमरावती को राज्य की एकमात्र वैधानिक राजधानी का दर्जा मिलने के बाद, केंद्र सरकार का यह बड़ा वित्तीय निवेश (GPRA और इसके साथ स्वीकृत ₹1,299.08 करोड़ का CGGPOA कार्यालय परिसर) राज्य के विकास के प्रति केंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह “सहकारी संघवाद” को सुदृढ़ करता है।
- प्रशासनिक दक्षता: केंद्र सरकार के कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल (Workplace) के करीब आधुनिक आवास मिलने से उनका वित्तीय बोझ कम होगा और उनका मनोबल बढ़ेगा। इससे शासन (Governance) अधिक प्रभावी और उत्तरदायी बनेगा।
- रोजगार सृजन: निर्माण के दौरान प्रति वर्ष लगभग 7.00 लाख मैन-डेज (Man-days) का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा। परिसर के चालू होने के बाद रख-रखाव और सेवाओं के लिए प्रति वर्ष लगभग 50,000 मैन-डेज का निरंतर रोजगार उपलब्ध होगा।
- सतत शहरीकरण: यह परियोजना अमरावती को एक “ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी” (Greenfield Smart City) के रूप में विकसित करने के मास्टर प्लान को गति देती है। यह भारत के सतत विकास लक्ष्य 11 (Sustainable Cities and Communities) की प्राप्ति में योगदान देता है।
FAQs:
1. जनरल पूल रेजिडेंशियल अकोमोडेशन क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को रियायती दरों पर प्रदान किया जाने वाला सरकारी आवासीय क्वार्टर और सुरक्षित मकानों का एक बड़ा राष्ट्रीय पूल है। [1, 2]
2. GPRA आवास किसे मिलता है?
यह उन पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिलता है जिनका वेतन सीधे भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India) से जारी होता है। [3]
3. सरकारी आवास आवंटन कैसे होता है?
इसका आवंटन e-Sampada ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पूरी तरह पारदर्शी, स्वचालित और कर्मचारियों की सेवा वरिष्ठता (Pay Level) सूची के आधार पर किया जाता है।
4. GPRA का प्रबंधन कौन करता है?
इसका पूर्ण प्रशासनिक प्रबंधन केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) के अधीन कार्यरत संपदा निदेशालय (Directorate of Estates) विभाग करता है।
5. सरकारी कर्मचारियों को इससे क्या लाभ मिलता है?
कर्मचारियों को महंगे बाजार से राहत, कार्यस्थल के नजदीक किफायती और सुरक्षित घर, और परिवार के लिए पार्क, बिजली तथा सामुदायिक सुरक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं मिलती हैं।
