सरस शक्ति संग्रह: ग्रामीण महिला उद्यमिता को बढ़ावा
संदर्भ:
हाल ही में ‘राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन’ (Rashtriya Gramin Vikas Sammelan 2026) के दौरान ‘सरस शक्ति संग्रह’ (Saras Shakti Collection) और इसकी ‘कॉफी टेबल बुक’ को लॉन्च किया गया।
सरस शक्ति के बारे में:
- परिचय: ‘सरस शक्ति संग्रह’ (SARAS Shakti Collection) देश भर की ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) द्वारा तैयार किए गए उच्च गुणवत्ता वाले प्रीमियम हस्तशिल्प, हथकरघा और स्वदेशी उत्पादों का एक विशेष राष्ट्रीय क्यूरेटेड संग्रह है।
- यह ग्रामीण महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में स्थापित करने के लिए एक विशिष्ट ब्रांडिंग ढांचा प्रदान करता है।
- उद्देश्य: ग्रामीण महिला उद्यमियों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे कॉर्पोरेट, सरकारी और प्रीमियम संस्थागत खरीदारों (Premium Institutional Markets) से जोड़ना।
- देश में 6 करोड़ ‘लखपति दीदी’ (Lakhpati Didis) बनाने के सरकार के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को बाजार लिंकेज और ब्रांडिंग के माध्यम से धरातल पर उतारना।
- भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और क्षेत्रीय शिल्प परंपराओं को आधुनिक वैश्विक पैकेजिंग और मानकीकरण के साथ वैश्विक पहचान दिलाना।
- मंत्रालय: यह प्रमुख पहल केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development) द्वारा संचालित की जा रही है।
- संबद्ध योजना: यह संग्रह सरकार के प्रमुख राष्ट्रीय कार्यक्रम दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत ‘सरस आजीविका’ (SARAS Aajeevika) इकोसिस्टम का एक विशिष्ट प्रीमियम विस्तार है।
प्रमुख विशेषताएं:
- प्रीमियम उत्पाद रेंज: इस विशिष्ट संग्रह बॉक्स (Collection Box) में देश भर की बेहतरीन कलाकृतियों को शामिल किया गया है। इसमें पंजाब की फुलकारी, जम्मू-कश्मीर का पश्मीना, तेलंगाना के इकत व तेलिया रुमाल, मिजोरम का पौंचेई कपड़ा, और डोकरा, पीतल व लकड़ी की जटिल नक्काशीदार हस्तशिल्प (Rural Handicrafts) शामिल हैं।
- ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) एकीकरण: सरस के डिजिटल प्लेटफॉर्म (eSARAS) को सीधे ONDC और उमंग (UMANG) ऐप से जोड़ा गया है, जिससे एसएचजी उत्पादों (SHG Products) की पहुंच 20 करोड़ से अधिक संभावित खरीदारों तक सुनिश्चित हुई है।
- डिजिटल स्टोरफ्रंट: इस मिशन के तहत अब तक 8.62 करोड़ से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों को डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क से जोड़कर उनकी बाजार दृश्यता को बढ़ाया गया है।
- डिजिटल हाइब्रिड मॉडल: नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थापित स्थायी ‘सरस आजीविका गैलरी’ (SARAS Aajeevika Gallery) के साथ-साथ राष्ट्रीय प्रदर्शनियों के माध्यम से उत्पादों का भौतिक और डिजिटल दोनों स्तरों पर विपणन किया जा रहा है।
महत्व:
- महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment): 3 करोड़ से अधिक सफल महिला उद्यमियों के अनुभव पर आगे बढ़ते हुए, यह रोडमैप महिलाओं को ग्रामीण भारत के आर्थिक विकास की धुरी (Central Drivers) बनाता है।
- बिचौलियों की समाप्ति: सरकारी और संस्थागत खरीदारों तक सीधी डिजिटल पहुंच स्थापित होने से लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन से बिचौलिए गायब हो गए हैं, जिससे महिलाओं को उनके उत्पादों का 100% उचित मूल्य प्राप्त हो रहा है।
- ‘विकसित भारत’ में योगदान: ग्रामीण शिल्प परंपराओं को संरक्षित करते हुए और ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता लाकर यह पहल ‘विकसित ग्राम, विकसित भारत’ (Viksit Gram, Viksit Bharat) के संकल्प को साकार करने का सबसे बड़ा माध्यम है।
FAQs:
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सरस शक्ति संग्रह क्या है?
यह ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) द्वारा निर्मित प्रीमियम और उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्प उत्पादों का एक विशेष राष्ट्रीय क्यूरेटेड संग्रह व ब्रांडिंग मंच है।
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सरस शक्ति संग्रह का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों को सीधे कॉर्पोरेट, सरकारी और प्रीमियम संस्थागत बाजारों तक पहुंच प्रदान करना है।
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इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को क्या लाभ होगा?
इससे ग्रामीण महिलाओं (Women Entrepreneurs) के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनकी आय बढ़कर वे ‘लखपति दीदी’ बन सकेंगी।
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सरस शक्ति संग्रह किस योजना से जुड़ा है?
यह पहल केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रम ‘दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन’ (DAY-NRLM) से जुड़ी हुई है।
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स्वयं सहायता समूह (SHG) की इसमें क्या भूमिका है?
स्वयं सहायता समूह (Self Help Group India) ग्रामीण स्तर पर उत्कृष्ट उत्पादों का निर्माण करने, क्षेत्रीय कला को जीवित रखने और इस संग्रह की मुख्य परिचालन रीढ़ की भूमिका निभाते हैं।
