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डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के 11 वर्ष: सुविधा, गति और सशक्त भारत की नई पहचान

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के 11 वर्ष: सुविधा, गति और सशक्त भारत की नई पहचान

Digital India Programme

संदर्भ:

हाल ही में डिजिटल इंडिया प्रोग्राम (Digital India Programme) ने भारत में सुशासन और नागरिक सशक्तिकरण में अपने 11 वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए, जो देश के ‘डिजिटल परिवर्तन’ (Digital Transformation) में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। 

डिजिटल इंडिया प्रोग्राम (Digital India Programme) के बारे मे:

  • परिचय: ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ (Digital India Mission) भारत को एक डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy) में बदलने के लिए केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक व्यापक अंब्रेला योजना है। 
  • मुख्य उद्देश्य: प्रत्येक नागरिक के लिए एक मुख्य उपयोगिता के रूप में डिजिटल अवसंरचना (Digital Infrastructure) उपलब्ध कराना।
    • मांग पर शासन और डिजिटल सेवाएं (Digital Services) सुनिश्चित करना।
    • देश के सभी नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण (Digital Empowerment) करना।
    • ‘ई-गवर्नेंस’ (e Governance India) के माध्यम से सरकारी प्रक्रियाओं को पारदर्शी, कुशल और भ्रष्टाचार मुक्त बनाना।
  • शुरुआत (Launch): इस दूरदर्शी कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2015 को किया गया था।
  • नोडल मंत्रालय (Nodal Ministry): यह कार्यक्रम केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा संचालित किया जा रहा है।
  • सहयोग (Collaboration): इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI), विभिन्न राज्य सरकारों, निजी तकनीकी उद्यमों और उभरते हुए एग्री/फिनटेक स्टार्टअप्स (Agri/Fintech Startups) का महत्वपूर्ण तकनीकी व ढांचागत सहयोग प्राप्त है। 

विशेषताएं:

डिजिटल इंडिया को एक एकीकृत ढांचे के तहत 9 मुख्य स्तंभों पर डिजाइन किया गया है, जो देश को भविष्य के लिए तैयार करते हैं: 

  • ब्रॉडबैंड हाईवे: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को तेज इंटरनेट से जोड़ना।
  • मोबाइल कनेक्टिविटी तक सार्वभौमिक पहुंच: देश के हर कोने में नेटवर्क पहुंचाना।
  • सार्वजनिक इंटरनेट एक्सेस कार्यक्रम: कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) का विस्तार।
  • ई-गवर्नेंस: प्रौद्योगिकी के माध्यम से सरकारी सुधार।
  • ई-क्रांति: सेवाओं का इलेक्ट्रॉनिक वितरण (जैसे ई-हॉस्पिटल, ई-कोर्ट)।
  • सभी के लिए सूचना: पारदर्शी डेटा और ओपन गवर्नमेंट डेटा प्लेटफॉर्म।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण: देश में चिप और मोबाइल उत्पादन को बढ़ावा देना।
  • रोजगार के लिए आईटी: युवाओं को कौशल प्रदान कर रोजगार योग्य बनाना।
  • अर्ली हार्वेस्ट प्रोग्राम्स: बायोमेट्रिक उपस्थिति और वाई-फाई जैसे त्वरित प्रभाव वाले प्रोजेक्ट।

महत्वपूर्ण उपलब्धियां:

बीते 11 वर्षों में ‘इंडिया स्टैक’ (India Stack) और तकनीक को अपनाकर भारत ने वैश्विक मंच पर निम्नलिखित अद्वितीय कीर्तिमान स्थापित किए हैं: 

  • डिजिटल भुगतान में वैश्विक नेतृत्व: भारत वर्तमान में विश्व के कुल वास्तविक समय (Real-time) के डिजिटल लेनदेन का लगभग 49% अकेले संभालता है। UPI India वित्तीय समावेशन की रीढ़ बन चुका है।
  • इंटरनेट पैठ का विस्तार: देश में इंटरनेट उपभोक्ताओं की संख्या 4 गुना बढ़कर 102 करोड़ (1.02 बिलियन) से अधिक हो चुकी है। भारतनेट योजना के तहत लगभग 97% ग्राम पंचायतों को जोड़ा जा चुका है।
  • कागज रहित अर्थव्यवस्था: DigiLocker के उपयोगकर्ताओं की संख्या 70 करोड़ पार कर चुकी है और इस पर 850 करोड़ से अधिक प्रामाणिक डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध हैं।
  • प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT): सरकार ने बिना किसी बिचौलिए और लीकेज के सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ₹51 लाख करोड़ से अधिक की राशि सफलतापूर्वक हस्तांतरित की है।
  • अर्थव्यवस्था में योगदान: डिजिटल अर्थव्यवस्था वर्तमान में भारत की जीडीपी में लगभग 12-14% का योगदान दे रही है, जिसके वर्ष 2030 तक 20% तक पहुंचने का अनुमान है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में क्रांति: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन वित्त वर्ष 2014-15 के ₹1.9 लाख करोड़ से बढ़कर मार्च 2026 तक लगभग ₹12 लाख करोड़ हो गया है, जिससे भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता बना है।

महत्व:

  • जीवन की सुगमता (Ease of Living): प्रौद्योगिकी ने स्वास्थ्य (eSanjeevani), शिक्षा (DIKSHA), और वाणिज्य (ONDC) जैसी आवश्यक नागरिक सुविधाओं को सीधे जनता के मोबाइल स्क्रीन तक पहुंचा दिया है। 
  • भ्रष्टाचार और लीकेज पर रोक: डिजिटल गवर्नेंस (Digital Governance) और पारदर्शी प्रणालियों ने सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाई है और राजकोषीय रिसाव (Leakages) को पूरी तरह समाप्त किया है। 
  • वैश्विक तकनीकी नेतृत्व: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर मिशन, और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे उभरते क्षेत्रों में भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर दिशा तय करने वाला देश बन रहा है। वर्तमान में 24 देश भारत के ‘इंडिया स्टैक’ को अपनाने के लिए समझौता कर चुके हैं

FAQs:

  1. डिजिटल इंडिया प्रोग्राम क्या है?

    यह भारत को डिजिटल रूप से सशक्त ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलने के लिए शुरू किया गया सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करने का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है।

  2. डिजिटल इंडिया मिशन कब शुरू हुआ था?

    इस ऐतिहासिक मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 1 जुलाई 2015 को की गई थी।

  3. डिजिटल इंडिया के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं?

    इसका उद्देश्य देश में सुरक्षित डिजिटल बुनियादी ढांचा तैयार करना, मांग पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना और नागरिकों का डिजिटल साक्षरता से सशक्तिकरण करना है।

  4. डिजिटल इंडिया से आम नागरिकों को क्या लाभ मिला?

    इससे नागरिकों को घर बैठे निर्बाध भुगतान (UPI), सुरक्षित दस्तावेज भंडारण (DigiLocker) और बिना बिचौलिए के सीधे योजनाओं का नकद लाभ (DBT) मिलने लगा है।

  5. डिजिटल इंडिया के तहत कौन-कौन सी प्रमुख पहल शुरू की गई हैं?

    इसके तहत आधार, UPI, डिजीलॉकर (DigiLocker), उमंग ऐप (UMANG), ई-संजीवनी और भारतनेट जैसी विश्व स्तरीय डिजिटल प्रणालियाँ शुरू की गई हैं।

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