भारतीय तकनीक आधारित ड्रोन विकास हेतु MeitY NIDAR 2.0 लॉन्च
संदर्भ:
हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने 13 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में ‘NIDAR 2.0’ (National Innovation Challenge for Drone Application & Research) लॉन्च किया।
NIDAR 2.0 क्या हैं?
- परिचय: NIDAR 2.0 राष्ट्रीय स्तर की नवाचार हैकाथॉन (National Innovation Hackathon) है।
- यह देश के इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के छात्रों को बुनियादी पूर्वनिर्मित एयरफ्रेम असेंबली से आगे बढ़कर, भारत में निर्मित माइक्रोचिप पर आधारित पूरी तरह से स्वायत्त ड्रोन सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर घटक विकसित करने पर केंद्रित है।
- इसमें युवा नवाचारकर्ताओं (Innovators) को स्वदेशी सेमीकंडक्टर आर्किटेक्चर (RISC-V) और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI-powered intelligence) का उपयोग करके उन्नत मानवरहित विमान प्रणालियों (UAV Technology) के डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग और परीक्षण के लिए एक मानकीकृत मंच प्रदान किया जाएगा।
- नोडल मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), भारत सरकार।
- प्रमुख सहयोगी: ड्रोन फेडरेशन ऑफ इंडिया (Drone Federation India – DFI)।
- इसमें सी-डैक (C-DAC), आईआईटी (IITs), आईआईएससी (IISc) और नाइलीट (NIELIT) सहित 30 शीर्ष संस्थान हब-एंड-स्पोक मॉडल (Hub-and-Spoke Model) के रूप में जुड़े हैं।
- अम्ब्रेला पहल: यह चुनौती MeitY की ‘स्वयान’ (SwaYaan) क्षमता निर्माण पहल का एक प्रमुख हिस्सा है।
प्रमुख विशेषताएं:
- घटक: NIDAR 2.0 को मुख्य रूप से दो रणनीतिक नवाचार ट्रैक्स (Innovation Tracks) में विभाजित किया गया है:
- ट्रैक 1: ड्रोन नवाचार (Drone Innovation – System Level) यह घटक प्रणालियों के स्तर पर जटिल परिचालन समस्याओं को हल करने पर केंद्रित है।
- रेस्क्यू स्वार्म (RescueSwarm) किसी भी सेलुलर या बाहरी संचार नेटवर्क के बिना, आपदा क्षेत्रों में मानव उत्तरजीवियों की खोज करने और चिकित्सा सामग्री पहुंचाने में सक्षम ‘पूरी तरह स्वायत्त समूह ड्रोन’ (Autonomous Swarm Drones) का विकास।
- एयर माउस (AirMouse) औद्योगिक निरीक्षण और बंद अंधेरे कमरों में नेविगेशन के लिए बिना जीपीएस के काम करने वाले (GPS-Denied Indoor Navigation) ड्रोन का निर्माण।
- ट्रैक 2: घटक नवाचार (Component Innovation – Hardware Level) यह घटक पूरी तरह से हार्डवेयर बूटस्ट्रैपिंग पर आधारित है। इसमें सी-डैक (C-DAC) द्वारा डिजिटल इंडिया RISC-V (DIR-V) कार्यक्रम के तहत विकसित स्वदेशी ‘वेगा’ (VEGA) माइक्रोप्रोसेसर पर आधारित घरेलू फ्लाइट कंट्रोलर और ऑटोपायलट सिस्टम डिजाइन करना शामिल है।
- ट्रैक 1: ड्रोन नवाचार (Drone Innovation – System Level) यह घटक प्रणालियों के स्तर पर जटिल परिचालन समस्याओं को हल करने पर केंद्रित है।
- वेगा प्रोसेसर किट का वितरण: तकनीकी मूल्यांकन के बाद शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 100 टीमों को सरकार द्वारा विकास और परीक्षण के लिए दो-दो वेगा प्रोसेसर किट मुफ्त प्रदान की जाएंगी।
- वित्तीय प्रोत्साहन: इस संस्करण में कुल पुरस्कार राशि (Prize Pool) को बढ़ाकर ₹65 लाख से अधिक कर दिया गया है।
- व्यावसायिक सहायता (Commercialization Support): विजेता टीमों को केवल नकद पुरस्कार ही नहीं, बल्कि उद्योग जगत में कॉर्पोरेट इंटर्नशिप, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और क्लाउड कंप्यूटिंग क्रेडिट भी मिलेंगे।
- ओपन-सोर्स आर्किटेक्चर: प्रतियोगिता में प्रयुक्त होने वाला वेगा प्रोसेसर RISC-V ओपन-स्टैंडर्ड आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो भविष्य के विकास के लिए पूर्ण लचीलापन देता है।
राष्ट्रीय महत्व:
- तकनीकी संप्रभुता (Technology Sovereignty): वैश्विक ड्रोन आपूर्ति श्रृंखला में वर्तमान में कुछ देशों का एकाधिकार है। ड्रोन के इलेक्ट्रॉनिक स्पीड कंट्रोलर (ESC), फ्लाइट कंट्रोलर और चिप्स का भारत में निर्माण होने से देश ब्लैक-बॉक्स मैलवेयर और साइबर थ्रेट्स (Cyber Threats) से सुरक्षित रहेगा, जो आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।
- दोहरे उपयोग वाली प्रौद्योगिकी (Dual-Use Technology): नागरिक और सैन्य ड्रोन दोनों में एक ही प्रकार की कोर तकनीक (Core Technology) का उपयोग होता है। NIDAR 2.0 से भारतीय सशस्त्र बलों और आंतरिक सुरक्षा एजेंसियों की टोही तथा लॉजिस्टिक्स क्षमताओं को मजबूत करेंगे।
- स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (Economic Growth): यह पहल भारत के ‘मेक इन इंडिया ड्रोन’ (Make in India Drones) दृष्टिकोण को मजबूती देते हुए देश को वर्ष 2030 तक ‘वैश्विक ड्रोन हब’ (Global Drone Hub) बनाने के नीतिगत लक्ष्य के अनुरूप है। यह आयात निर्भरता को कम कर विदेशी मुद्रा की बचत करेगी।
- विकसित भारत @2047 विजन: मानव संसाधन को अत्याधुनिक तकनीकों (जैसे एरोमैकेनिक्स, गाइडेंस, नेविगेशन एंड कंट्रोल एल्गोरिदम) में प्रशिक्षित कर यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को वास्तविक धरातल पर उतारते में सक्षम है।
FAQs:
Q1. MeitY NIDAR 2.0 क्या है?
Ans: यह भारतीय निर्मित चिप आधारित स्मार्ट और स्वायत्त ड्रोन विकसित करने की एक राष्ट्रीय नवाचार चुनौती है।
Q2. NIDAR 2.0 का उद्देश्य क्या है?
Ans: इसका उद्देश्य साधारण ड्रोन असेंबली से आगे बढ़कर भारत में स्वदेशी ‘ड्रोन का दिमाग’ बनाना है।
Q3. इससे ड्रोन उद्योग को क्या लाभ होगा?
Ans: इससे स्वदेशी घटकों, एवियोनिक्स, कुशल श्रमशक्ति और आत्मनिर्भर स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का तेजी से विकास होगा।
Q4. NIDAR 2.0 किस मंत्रालय ने लॉन्च किया?
Ans: इसे केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ड्रोन फेडरेशन इंडिया के साथ मिलकर लॉन्च किया है।
Q5. क्या यह आत्मनिर्भर भारत से जुड़ा है?
Ans: हाँ, यह विदेशी चिप और ड्रोन तकनीक पर निर्भरता घटाकर रक्षा एवं नागरिक क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाता है।
