देश का पहला सेवा उत्पादन सूचकांक जारी
संदर्भ:
हाल ही में सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय [Ministry of Statistics] ने देश की अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र की गतिविधियों का मासिक मूल्यांकन प्रदान करने हेतु भारत का पहला ‘सेवा उत्पादन सूचकांक’ (Index of Services Production – ISP) जारी किया।
सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) क्या हैं?
- परिचय: सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) एक अल्पकालिक व्यापक आर्थिक संकेतक (Macroeconomic Indicator) है। यह देश के औपचारिक सेवा क्षेत्र (Formal Service Sector) के वास्तविक उत्पादन (Real Volume of Output) में होने वाले मासिक परिवर्तनों को मापता है।
- जैसे औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) उद्योगों की सेहत बताता है, ठीक वैसे ही ISP सेवा क्षेत्र की वास्तविक प्रगति को ट्रैक करता है।
- आधार वर्ष (Base Year): मंत्रालय ने इस सूचकांक के लिए वर्ष 2024-25 को आधार वर्ष के रूप में निर्धारित किया है।
- पद्धति (Methodology): यह सूचकांक ‘लैस्पेयर्स वॉल्यूम इंडेक्स’ (Fixed-weight Laspeyres Volume Index) फॉर्मूले पर आधारित है।
- इसमें सकल मूल्य संवर्धन [Gross Value Added (GVA)] आधारित भार (Weights) का उपयोग किया जाता है।
- व्यापकता: यह प्रायोगिक सूचकांक शुरुआत में भारत की औपचारिक सेवा अर्थव्यवस्था [Service Sector] के लगभग 60 प्रतिशत हिस्से को कवर करता है।
- 19 उप-क्षेत्र (19 Sub-sectors): इसके तहत 19 विभिन्न क्षेत्रों की मासिक प्रगति मापी जाएगी।
- मुख्य घटकों में थोक और खुदरा व्यापार (23% भार), सूचना और बैंकिंग संबंधित सेवाएं (22.5%), प्रशासनिक सेवाएं (15%), सड़क परिवहन (7.68%), और होटल-आवास सेवाएं (4.27%) शामिल हैं।
- डेटा स्रोत: सूचकांक की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए सांख्यिकी मंत्रालय निम्नलिखित तीन प्राथमिक डेटा स्रोतों का उपयोग कर रहा है:
- सरकारी प्रशासनिक डेटा (Administrative Data): माल और सेवा कर (GST) के तहत दर्ज बाह्य आपूर्ति रिटर्न (GST Outward Supplies)
- निगमित सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण [Annual Survey of Incorporated Services Sector Enterprises (ASISSE)]
- महत्व: भारत के सकल मूल्य संवर्धन (GVA) में सेवा क्षेत्र का योगदान 52.9 प्रतिशत से अधिक है और यह लगभग 40 मिलियन नौकरियों का सृजन करता है। इसके बावजूद, अब तक हमारे पास इस क्षेत्र को मासिक आधार पर मापने का कोई आधिकारिक पैमाना नहीं था। ISP ने इस दशकों पुराने सांख्यिकीय अंतराल को समाप्त कर दिया है।
- अब तक सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) केवल विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र के IIP डेटा के आधार पर आर्थिक नीतियां बनाते थे। मासिक ISP डेटा प्राप्त होने से सेवा क्षेत्र में मुद्रास्फीति [Service Sector Inflation] और मांग के रुझानों का अधिक वास्तविक आकलन संभव होगा, जिससे मौद्रिक नीतियों (Monetary Policies) को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
मूल्य सूचकांक सुधार:
- थोक मूल्य सूचकांक (WPI) का विस्थापन: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने जून 2026 में रमेश चंद कार्यसमूह की सिफारिशों के आधार पर देश का पहला उत्पादन मूल्य सूचकांक [Producer Price Index] जारी किया है।
- सरकार ने इसके साथ ही WPI के लिए पांच साल की ‘सूर्यास्त तिथि’ (Sunset Date) घोषित कर दी है, जिसके बाद WPI को पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
- सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक (Service PPI): देश में पहली बार प्रायोगिक आधार पर सात प्रमुख सेवाओं (बैंकिंग, प्रतिभूति लेनदेन, बीमा, पेंशन फंड प्रबंधन, रेलवे, विमानन और दूरसंचार) के लिए सेवा उत्पादक मूल्य सूचकांक [Services Producer Price Index] की नई श्रृंखला भी प्रस्तुत की गई है।
- सटीक मुद्रास्फीति डेटा (Inflation Data): पारंपरिक सूचकांकों (जैसे पुरानी कूटनीति प्रणालियों) में कीमतों में उतार-चढ़ाव और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार को अलग करना कठिन होता था।
- नया Service PPI और मासिक ISP मिलकर राष्ट्रीय खातों और जीडीपी (GDP) गणना में होने वाले कूटनीतिक संकुचन के पूर्वाग्रहों को दूर करेंगे, जिससे देश को अधिक पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आर्थिक डेटा प्राप्त होगा।
FAQs:
Q1. सेवा उत्पादन सूचकांक (ISP) क्या है?
Ans: यह औपचारिक सेवा क्षेत्र के वास्तविक उत्पादन में मासिक बदलावों को मापने वाला व्यापक आर्थिक संकेतक है।
Q2. भारत ने पहली बार ISP क्यों जारी किया?
Ans: जीडीपी में आधे से अधिक योगदान देने वाले सेवा क्षेत्र के मासिक मूल्यांकन हेतु इसे जारी किया।
Q3. ISP और WPI में क्या अंतर है?
Ans: WPI वस्तुओं के थोक दामों को मापता है जबकि ISP सेवाओं के उत्पादन मात्रा को ट्रैक करता है।
Q4. SPPI से अर्थव्यवस्था को क्या लाभ होगा?
Ans: इससे सेवा क्षेत्र के वास्तविक विकास और मुद्रास्फीति के सटीक अनुमान में कूटनीतिक मदद मिलेगी।
Q5. ISP कौन जारी करता है?
Ans: इसे केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय प्रत्येक महीने की 29 तारीख को जारी करेगा।
