आयुष अनुदान पोर्टल

संदर्भ:
हाल ही में आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush) ने डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए ‘आयुष अनुदान पोर्टल’ लॉन्च किया।
आयुष अनुदान पोर्टल (Ayush Anudan Portal) के बारे में:
आयुष अनुदान पोर्टल आयुष मंत्रालय द्वारा ‘आयुष ग्रिड’ (Ayush Grid) पहल के तहत विकसित एक केंद्रीकृत, इंटरैक्टिव और एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है।
- यह पोर्टल मंत्रालय की विभिन्न ‘केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं’ के अंतर्गत वित्तीय सहायता/अनुदान प्राप्त करने, उनके मूल्यांकन, स्वीकृति और वितरण की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल रूप से संचालित करता है।
- यह पोर्टल आयुष मंत्रालय, भारत सरकार (Ministry of Ayush) के अधीन कार्य करता है।
उद्देश्य:
- शत-प्रतिशत पारदर्शिता: अनुदान के आवंटन और वितरण की प्रक्रिया से बिचौलियों और मानवीय हस्तक्षेप को समाप्त कर 100% पारदर्शिता लाना।
- दक्षता और जवाबदेही: कागजी बाधाओं को खत्म कर प्रशासनिक प्रक्रिया को तेज बनाना और अधिकारियों की जवाबदेही तय करना।
- सरल पहुंच: देश भर के योग्य संस्थानों और गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के लिए वित्तीय सहायता के आवेदन को सुलभ बनाना।
- व्यापार और जीवन सुगमता: केंद्र सरकार के व्यापक जनादेश ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ को आगे बढ़ाना।
प्रमुख विशेषताएं:
- केंद्रीकृत ऑनलाइन आवेदन: कोई भी संगठन या संस्थान वित्तीय सहायता के प्रस्ताव पूरी तरह ऑनलाइन जमा कर सकता है।
- नीति आयोग के ‘एनजीओ दर्पण’ से एकीकरण: यह पोर्टल नीति आयोग के NGO Darpan Portal से सीधे लिंक्ड है। इस पर केवल वही एनजीओ आवेदन कर सकते हैं जो ‘दर्पण’ पर पंजीकृत हैं, जिससे बैकग्राउंड वेरिफिकेशन तुरंत और त्रुटिहीन हो जाता है।
- योजना-वार प्रबंधन: प्राप्त आवेदनों को उनकी विशिष्ट केंद्रीय क्षेत्र की योजनाओं (जैसे- AYURGYAN, AYURSWASTHYA, औषधीय पौधे प्रबंधन, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग आदि) के आधार पर श्रेणीबद्ध और मूल्यांकन किया जाता है।
- रीयल-टाइम ट्रैकिंग: आवेदक और समीक्षा अधिकारी एक लाइव डैशबोर्ड के माध्यम से आवेदन की वर्तमान स्थिति (Status) को हर चरण पर ट्रैक कर सकते हैं।
- PFMS लिंकेज: यह सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (PFMS) से जुड़ा है, जिससे सीधे बैंक खातों में फंड ट्रांसफर सुरक्षित होता है।
- एकल खिड़की पहुंच: इस पोर्टल को सीधे या मंत्रालय के सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म ‘माई आयुष इंटीग्रेटेड सर्विसेज पोर्टल’ (MAISP) के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है।
महत्व:
- भ्रष्टाचार और लालफीताशाही पर रोक: डिजिटल प्रणाली होने के कारण फाइलों के अटके रहने (लालफीताशाही) और वित्तीय विसंगतियों की गुंजाइश खत्म हो जाती है।
- संस्थागत विश्वसनीयता: एनजीओ दर्पण के साथ जुड़ाव होने से केवल वैध और प्रामाणिक संस्थाओं को ही सरकारी अनुदान का लाभ मिलता है, जिससे फर्जीवाड़ा रुकता है।
- आयुष इकोसिस्टम का सुदृढ़ीकरण: शोध, बुनियादी ढांचे और चिकित्सा शिक्षा के लिए फंड समय पर जारी होने से पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक विकास मिलता है।
- डिजिटल इंडिया विजन को बढ़ावा: यह पहल भारत सरकार के ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ और डिजिटल रूप से सशक्त स्वास्थ्य तंत्र के विजन को साकार करती है।