नागरिकता संशोधन नियम 2026

संदर्भ:
हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए। गृह मंत्रालय द्वारा जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 18 के तहत यह नए नियम बनाए गए हैं।
- यह संशोधन नागरिकता नियम, 2009 की अनुसूची 1C (Schedule 1C) में एक नया पैराग्राफ जोड़कर किया गया है।
नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026 के मुख्य बिंदु:
- घोषणा नियम: नागरिकता नियम, 2009 की अनुसूची 1C (Schedule 1C) में नया पैराग्राफ (iiiA) जोड़ा गया है।
- इसके तहत सीएए (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन करने वाले तीन पड़ोसी देशों के प्रवासियों के लिए पासपोर्ट की स्थिति स्पष्ट करना अनिवार्य कर दिया गया है।
- पासपोर्ट विवरण: आवेदकों को आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से बताना होगा कि उनके पास पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान का वैध या समाप्त (Expired) पासपोर्ट है या नहीं। यदि है, तो पासपोर्ट नंबर, जारी करने की तिथि, स्थान और समाप्ति तिथि की सटीक जानकारी देनी होगी।
- सरेंडर का वादा: आवेदकों को आवेदन के समय ही एक वचन पत्र/घोषणा पत्र देना होगा कि भारतीय नागरिकता की मंजूरी मिलने के बाद वे अपना विदेशी पासपोर्ट सौंप देंगे।
- जमा करने की समय-सीमा: नागरिकता की स्वीकृति मिलने के 15 दिनों के भीतर आवेदक को अपना मूल विदेशी पासपोर्ट डाक विभाग के संबंधित वरिष्ठ डाक अधीक्षक (Senior Superintendent of Post) या डाक अधीक्षक के पास अनिवार्य रूप से सरेंडर करना होगा।
- निरंतर बाध्यता: नागरिकता नियम, 2009 के नियम 3 में एक नया परंतुक (Proviso) जोड़ा गया है। इसके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि कोई भी नाबालिग बच्चा भारतीय पासपोर्ट रखने के साथ-साथ किसी भी अन्य देश का पासपोर्ट किसी भी समय (At any time) धारण नहीं कर सकता।
- अभिभावक की पाबंदी: अभिभावकों को आवेदन फॉर्म (Form I के सीरियल नंबर 10A) में इस नियम की पाबंदी को लिखित रूप में स्वीकार करना होगा, ताकि कानूनी कमियों का दुरुपयोग कर बच्चे दोहरी नागरिकता या दोहरे पासपोर्ट न रख सकें।
- ऑनलाइन आवेदन: विदेशी भारतीय नागरिकता (OCI) कार्डधारकों के लिए संपूर्ण पंजीकरण प्रक्रिया को पेपरलेस बना दिया गया है। नागरिकता नियम 29(1) के तहत अब सभी आवेदन अनिवार्य रूप से आधिकारिक ओसीआई पोर्टल (ociservices.gov.in) पर इलेक्ट्रॉनिक रूप से (Form XXVIII) जमा करने होंगे।
- कागजी कॉपियों की समाप्ति: नियम 31 में संशोधन कर “इन डुप्लीकेट” (दो प्रतियों में) भौतिक दस्तावेज जमा करने की अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।
- ई-ओसीआई (e-OCI) की शुरुआत: पारंपरिक भौतिक कार्ड के साथ-साथ अब सरकार इलेक्ट्रॉनिक ओसीआई (e-OCI) कार्ड भी जारी करेगी, जो पूरी तरह डिजिटल और कानूनी रूप से मान्य होगा।
- केंद्रीकृत डिजिटल रजिस्ट्री: सभी ओसीआई धारकों का रिकॉर्ड Form XXX के तहत एक केंद्रीकृत इलेक्ट्रॉनिक डेटाबेस में सुरक्षित रखा जाएगा।
- डिजिटल त्याग: यदि कोई व्यक्ति अपनी ओसीआई श्रेणी छोड़ना चाहता है, तो उसे ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
- भौतिक कार्ड (यदि जारी हुआ हो) को संबंधित भारतीय मिशन/FRRO के पास सरेंडर करने के बाद एक डिजिटल पावती (Acknowledgment) जारी की जाएगी।
- डीम्ड कैंसिलेशन (Deemed Cancellation): यदि सरकार किसी का ओसीआई पंजीकरण रद्द करती है और व्यक्ति लिखित नोटिस के बाद भी भौतिक कार्ड वापस नहीं करता, तो सरकार उसे ‘स्वतः रद्द’ (Deemed Cancelled) घोषित कर डिजिटल रिकॉर्ड को अपडेट कर देगी।
- बायोमेट्रिक सहमति: ओसीआई आवेदकों को पंजीकरण के समय अपनी बायोमेट्रिक जानकारी साझा करने की सहमति देनी होगी।
- इस डेटा को भारत के फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम (FTIP) के साथ एकीकृत किया जाएगा, जिससे हवाई अड्डों पर आव्रजन प्रक्रिया स्वचालित और तीव्र हो सकेगी।
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महत्वपूर्ण तथ्य:
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