E-PRAAPTI पोर्टल | E-PRAAPTI portal

संदर्भ:
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा हाल ही में E-PRAAPTI (EPF Aadhaar-Based Access Portal for Tracking Inoperative Accounts) पोर्टल लॉन्च करने की घोषणा की गई है।
E-PRAAPTI पोर्टल क्या हैं?
E-PRAAPTI एक केंद्रीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो आधार-आधारित प्रमाणीकरण (Aadhaar-based Authentication) के माध्यम से सदस्यों को उनके पुराने और निष्क्रिय पीएफ खातों को खोजने, ट्रैक करने और वर्तमान यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) के साथ एकीकृत करने की सुविधा प्रदान करता है।
- इस पोर्टल का विकास कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की अपनी आईटी टीम द्वारा श्रम और रोजगार मंत्रालय के मार्गदर्शन में किया गया है।
- यह पोर्टल आधार ई-केवाईसी (e-KYC) और बायोमेट्रिक/ओटीपी सत्यापन पर आधारित है। इसे ‘EPFO 3.0’ पहल के तहत आधुनिक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर विकसित किया गया है ताकि उच्च डेटा सुरक्षा और तेज प्रोसेसिंग सुनिश्चित की जा सके।
प्रमुख उद्देश्य:
- निष्क्रिय खातों की खोज: उन खातों को ट्रैक करना जिनका डेटा यूएएन (UAN) प्रणाली के आने से पहले का है।
- अनक्लेम्ड राशि का समाधान: EPFO के पास जमा हजारों करोड़ रुपये की लावारिस (Unclaimed) राशि को उसके वास्तविक हकदारों तक पहुँचाना।
- UAN एकीकरण: सदस्यों को उनके जीवनकाल के सभी पीएफ खातों के लिए “एक सदस्य, एक खाता” (One Member, One Account) की अवधारणा के तहत एक ही यूएएन प्रदान करना।
- नियोक्ता निर्भरता को कम करना: पुराने खातों को खोजने या सत्यापित करने के लिए पूर्व नियोक्ताओं के चक्कर काटने की मजबूरी को समाप्त करना।
पोर्टल की मुख्य विशेषताएं:
- बिना UAN के पहुंच: यदि कोई सदस्य अपनी पुरानी मेंबर आईडी या यूएएन भूल गया है, तो भी वह केवल आधार विवरण के माध्यम से अपना डेटा खोज सकेगा।
- दो-चरणीय कार्यान्वयन (Two-Phase Implementation):
- चरण-I: वर्तमान में उपलब्ध मेंबर आईडी के माध्यम से ट्रैकिंग।
- चरण-II: उन सदस्यों के लिए उन्नत खोज विकल्प जो अपनी पुरानी आईडी पूरी तरह खो चुके हैं।
- स्व-सत्यापन (Self-Verification): सदस्य स्वयं अपनी प्रोफाइल अपडेट कर सकते हैं और दस्तावेजों को डिजिटल रूप से अपलोड कर सकते हैं।
- वास्तविक समय ट्रैकिंग: पुराने खातों के हस्तांतरण (Transfer) की स्थिति को वास्तविक समय में देखा जा सकता है।
- बहुभाषी समर्थन: यह पोर्टल ‘भाषिनी’ (BHASHINI) एआई टूल के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में भी सहायता प्रदान करेगा।
महत्व:
- वित्तीय समावेशन और सुरक्षा: यह सुनिश्चित करता है कि श्रमिक की मेहनत की कमाई व्यर्थ न जाए। विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र से आने वाले प्रवासी श्रमिकों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- इज ऑफ लिविंग (Ease of Living): जटिल कागजी कार्रवाई को हटाकर डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने से सामान्य नागरिकों का जीवन सुगम होता है।
- प्रशासनिक पारदर्शिता: आधार लिंकिंग से डुप्लीकेट खातों और फर्जी दावों की संभावना शून्य हो जाती है, जिससे सरकारी खजाने और ट्रस्ट फंड की सुरक्षा बढ़ती है।
- डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: यह पोर्टल भारत सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ और ‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन’ के विजन को मजबूती प्रदान करता है।