INS Agray अर्नाला श्रेणी के पनडुब्बी रोधी बेड़े में शामिल हुआ
संदर्भ:
INS अग्रय (INS Agray) हाल ही में भारतीय नौसेना के अर्नाला श्रेणी (Arnala Class) के पनडुब्बी रोधी बेड़े में शामिल हुआ है। रक्षा क्षेत्र में Naval Modernization और Aatmanirbhar Bharat की दिशा में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है।
INS अग्रय के बारे मे:
- परिचय: INS Agray एक Anti Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW SWC) है, जो तटीय जलक्षेत्र में पनडुब्बी रोधी अभियानों को अंजाम देने में सक्षम है।
- निर्माणकर्ता (Manufacturer): इसे गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।
- सपुर्दगी (Commission): GRSE ने इसे 30 मार्च 2026 को भारतीय नौसेना को सौंपा और जून 2026 में इसके आधिकारिक शामिल होने की प्रक्रिया पूरी हुई।
- ऐतिहासिक विरासत: यह पूर्ववर्ती INS अग्रय (1991-2017) का पुनर्जन्म है, जिसने 25 वर्षों तक देश की सेवा की थी।
अर्नाला श्रेणी की प्रमुख विशेषताएँ:
Arnala Class Warship श्रृंखला के जहाजों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है जो Naval Modernization का उत्कृष्ट उदाहरण हैं:
| लंबाई और विस्थापन | लंबाई लगभग 77.6 मीटर और विस्थापन करीब 900 टन है। |
| प्रणोदन (Propulsion) | यह डीजल इंजन और वाटरजेट प्रणोदन प्रणाली से संचालित होता है, जो इसे उथले पानी में तीव्र गतिशीलता प्रदान करता है। |
| स्वदेशी सामग्री | इस युद्धपोत में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। |
| ध्वनि नियंत्रण (Acoustic Stealth) | वाटरजेट के कारण इसका पानी के नीचे शोर का स्तर बहुत कम है, जिससे यह दुश्मनों की नजरों से बच सकता है। |
| हथियार प्रणाली | यह लाइटवेट टॉरपीडो, स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर और उन्नत माइंस (खदानें) बिछाने की क्षमता से लैस है। |
| सेंसर और सोनार | इसमें उन्नत हल-माउंटेड सोनार (Hull-mounted SONAR) और वेरिएबल डेप्थ सोनार लगे हैं। |
INS Agray का सामरिक महत्व:
Maritime Security India और Indian Ocean Security के दृष्टिकोण से Indian Naval Fleet में INS अग्रय का शामिल होना गेम-चेंजर साबित होगा:
- हिंद महासागर में प्रभुत्व: चीनी नौसेना की बढ़ती पनडुब्बी गतिविधियों को देखते हुए, यह पोत भारत के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी को मजबूत करेगा।
- उथले पानी में अचूक मारक क्षमता: बड़े विध्वंसक जहाज (Destroyers) तटीय और कम गहरे पानी में काम नहीं कर पाते, जहाँ यह ASW Shallow Water Craft पूरी तरह प्रभावी है।
- बहुआयामी भूमिका: यह न केवल पनडुब्बी रोधी युद्ध (ASW) करेगा, बल्कि तटीय निगरानी (Coastal Surveillance), खोज एवं बचाव अभियान और माइन बिछाने/हटाने के कार्यों में भी सक्षम है।
- आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: इसका निर्माण रक्षा विनिर्माण में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और MSMEs की भागीदारी का सफल उदाहरण है।
FAQs:
Q1. INS Agre (अग्रय) क्या है?
Ans. यह भारतीय नौसेना के लिए निर्मित अर्नाला श्रेणी का पांचवां स्वदेशी Anti Submarine Warfare Shallow Water Craft (ASW SWC) है, जिसे तटीय रक्षा के लिए तैयार किया गया है।
Q2. अर्नाला श्रेणी के जहाज की प्रमुख विशेषताएं क्या हैं?
Ans. यह 77 मीटर लंबा पोत है जो वाटरजेट प्रणोदन तकनीक से चलता है। इसमें 80% से अधिक स्वदेशी उपकरण, अत्याधुनिक सोनार, हल्के टॉरपीडो और एंटी-सबमरीन रॉकेट शामिल हैं।
Q3. यह भारतीय नौसेना के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. यह भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति (Maritime Security) को मजबूत करता है। यह दुश्मनों की पनडुब्बियों को भारतीय बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों के करीब आने से रोकता है।
Q4. पनडुब्बी रोधी युद्ध में इसकी क्या भूमिका होगी?
Ans. यह अपने अत्याधुनिक सोनार प्रणालियों से पानी के नीचे छिपी दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाएगा और अपने टॉरपीडो व रॉकेट्स से उन्हें सटीक निशाना बनाकर नष्ट करेगा।
Q5. INS Agray को किसने विकसित किया है?
Ans. इसे भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है।
