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कृषि सखी पहल (Krishi Sakhi Initiative) | UPSC Preparation

Krishi Sakhi Initiative

Krishi Sakhi Initiative

संदर्भ:

कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया लिमिटेड (AIC) ने हाल ही में ‘कृषि सखी पहल’ (Krishi Sakhi Initiative) की शुरुआत की है। यह पहल संयुक्त राष्ट्र (UN) और खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किए जाने के उपलक्ष्य में शुरू की गई है। 

कृषि सखी पहल क्या हैं?

AIC द्वारा शुरू की गई ‘कृषि सखी’ पहल (2026) एक राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य महिला किसानों को सशक्त बनाना है। 

मुख्य उद्देश्य:

  • आत्मनिर्भर बनाना: इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य कृषि और फसल बीमा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
  • समावेशी विकास: कृषि क्षेत्र में लैंगिक अंतराल को कम कर महिलाओं को मुख्यधारा के निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना।
  • जागरूकता प्रसार: ग्रामीण क्षेत्रों में फसल बीमा के लाभों और सरकारी योजनाओं के प्रति महिलाओं को जागरूक करना।
  • मान्यता: भारतीय कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महिला किसानों के अदृश्य योगदान को औपचारिक रूप से स्वीकार करना। [6, 7, 8]

पहल की प्रमुख विशेषताएं:

  • मासिक गतिविधियाँ: जनवरी 2026 में जागरूकता वीडियो से शुरुआत के बाद, फरवरी में #AICforHer अभियान के तहत वॉकथॉन का आयोजन किया गया।
  • क्षमता निर्माण: क्षेत्रीय कार्यालयों के माध्यम से जमीनी स्तर पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं, जहाँ महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और जोखिम प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • सामुदायिक जुड़ाव: लेखों, साक्षात्कारों और ग्रामीण स्वच्छता एवं स्वच्छता (Sanitation and Hygiene) अभियानों के माध्यम से महिलाओं और ग्रामीण परिवारों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। 
  • KSCP: यह पहल सरकार के ‘कृषि सखी कन्वर्जेंस प्रोग्राम’ (KSCP) के साथ तालमेल खाती है, जिसके तहत स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं को ‘पैरा-एक्सटेंशन वर्कर’ के रूप में प्रशिक्षित किया जाता है: 
  • भूमिका: कृषि सखियां प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card), और एकीकृत कीट प्रबंधन जैसे विषयों पर साथी किसानों को सलाह देती हैं।
  • वित्तीय लाभ: ये महिलाएं फसल बीमा (PMFBY) के नामांकन, फसल कटाई प्रयोगों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार से प्रति वर्ष ₹60,000 से ₹80,000 तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर सकती हैं।
  • प्रशिक्षण: इन्हें MANAGE और कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) द्वारा विशेष प्रमाणन दिया जाता है। 

महिला किसानों के सशक्तिकरण के लिए महत्वपूर्ण पहलें:

  • नमो ड्रोन दीदी (Namo Drone Didis): 15,000 महिला SHGs को कृषि ड्रोन और संचालन प्रशिक्षण प्रदान करना।
  • महिला किसान सशक्तिकरण परियोजना (MKSP): DAY-NRLM के तहत महिलाओं की कृषि उत्पादकता और स्थायी आजीविका बढ़ाना।
  • लखपति दीदी (Lakhpati Didi): ग्रामीण महिलाओं को कृषि-कौशल और ऋण देकर वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक सुनिश्चित करना।
  • कृषि यंत्रीकरण (SMAM): महिलाओं के अनुकूल कृषि उपकरणों पर 50% तक की सब्सिडी प्रदान करना।
  • बजटीय प्राथमिकता: प्रमुख कृषि योजनाओं (NFSM, NHM) के तहत 30% फंड अनिवार्य रूप से महिला लाभार्थियों हेतु आवंटित करना।
  • प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY): महिला किसानों को 60 वर्ष की आयु के बाद ₹3000 मासिक पेंशन का प्रावधान।

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