कूनो नेशनल पार्क

संदर्भ:
हाल ही में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क (KNP) में प्रोजेक्ट चीता के तहत बोत्सवाना से लाई गई दो मादा चीतों को खुले जंगल में छोड़ा।
कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park – KNP):
- अवस्थिति: यह मध्य प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग में विंध्य पर्वतमाला की पहाड़ियों में स्थित है।
- क्षेत्रफल: प्रारंभ में 1981 में यह 344.68 वर्ग किमी का एक वन्यजीव अभयारण्य था, जिसे दिसंबर 2018 में विस्तारित कर 748.76 वर्ग किमी का राष्ट्रीय उद्यान बना दिया गया।
- जीवन रेखा (कूनो नदी): इसका नाम चंबल नदी की सहायक कूनो नदी के नाम पर रखा गया है, जो पार्क के बीचों-बीच उत्तर से दक्षिण की ओर बहती है।
- जलवायु: यहाँ उष्णकटिबंधीय शुष्क मानसूनी जलवायु पाई जाती है, जहाँ गर्मियों में तापमान 42°C+ तक पहुँच जाता है।
- वनस्पति: यहाँ उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन और विशाल सवाना घास के मैदान पाए जाते हैं।
- प्रमुख वृक्ष: करधई (Anogeissus pendula), खैर (Acacia catechu), और सलाई (Boswellia serrata) यहाँ बहुतायत में मिलते हैं।
- जीव-जगत: यह पार्क तेंदुए, धारीदार लकड़बग्घा, भारतीय भेड़िया, स्लॉथ बियर, सुनहरा सियार और चौसिंगा का प्राकृतिक आवास है।
- पक्षी: यहाँ 120 से अधिक पक्षी प्रजातियाँ जैसे भारतीय गिद्ध और ब्राउन फिश उल्लू पाए जाते हैं।
- ऐतिहासिक विरासत: पार्क के अंदर 500 साल पुराना पालपुर किला (पालपुर गढ़ी) स्थित है, जो कभी चंद्रवंशी राजा बाल बहादुर सिंह का गढ़ था।
- एशियाई शेरों का विकल्प: कूनो को मूल रूप से गुजरात के गिर से एशियाई शेरों के पुनर्वास के लिए दूसरे घर के रूप में तैयार किया गया था।
- चीता पुनर्वास: 1952 में भारत से विलुप्त घोषित होने के बाद, 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से 8 चीते और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते यहाँ लाए गए। फरवरी 2026 में बोत्सवाना से 9 अतिरिक्त चीतों को शामिल किया गया है।
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प्रोजेक्ट चीता (Project Cheetah):
प्रोजेक्ट चीता की वर्तमान स्थिति:
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