light machine gun prahar
संदर्भ:
हाल ही में अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय थल सेना को 2,000 ‘प्रहार’ (Prahar) लाइट मशीन गन (LMG) की पहली खेप सौंपी यह डिलीवरी निर्धारित समय से लगभग 11 महीने पहले पूरी की गई है, जो भारत के निजी रक्षा विनिर्माण क्षेत्र की बढ़ती क्षमता को दर्शाती है।
लाइट मशीन गन प्रहार के बारे में:
‘प्रहार’ (Prahar) एक आधुनिक और घातक लाइट मशीन गन (LMG) है, जिसे अडाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस (Adani Defence & Aerospace) द्वारा इजरायल वेपन इंडस्ट्रीज (IWI) के सहयोग से ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारत में विकसित किया गया है।
- यह मशीन गन इजरायल की प्रसिद्ध Negev NG7 का भारतीय संस्करण है। इसे भारतीय थल सेना की विशिष्ट आवश्यकताओं, जैसे अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों के लिए अनुकूलित किया गया है।
इसकी विशेषताएं:
- कैलिबर: 7.62×51 mm।
- प्रभावी रेंज: 1,000 मीटर तक।
- वजन: लगभग 7.6 से 8 किलोग्राम (मैगजीन के बिना), जो इसे अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में काफी हल्का बनाता है।
- फायरिंग मोड: सुरक्षित (Safe), सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक।
- बैरल की लंबाई: 508 mm (20 इंच)।
- फीड सिस्टम: 120-राउंड असॉल्ट ड्रम या बेल्ट चेन।
प्रमुख तकनीकी क्षमताएं:
- बहुमुखी फीड सिस्टम: यह गन बेल्ट-फेड (Belt-fed), असाल्ट ड्रम (Assault Drum) या मैगजीन तीनों माध्यमों से गोलियां दागने में सक्षम है, जिससे युद्ध के मैदान में सैनिक स्थिति के अनुसार बदलाव कर सकते हैं।
- गैस रेगुलेटर सिस्टम: इसमें एक विशेष गैस रेगुलेटर दिया गया है जो धूल, अत्यधिक गर्मी या बर्फीले वातावरण में भी हथियार के जाम होने की संभावना को कम करता है।
- पोर्टेबिलिटी: इसका फोल्डिंग स्टॉक (Folding Stock) इसे कॉम्पैक्ट बनाता है, जिससे पैराट्रूपर्स और विशेष बलों के लिए इसे ले जाना और कूदते समय संभालना आसान होता है।
- सटीकता: इसमें एक फोल्डिंग बाईपॉड (Bipod) और एडजस्टेबल बटस्टॉक दिया गया है, जो लंबे समय तक फायरिंग के दौरान सैनिक की सटीकता और आराम को बनाए रखता है।
महत्व:
- पुराने हथियारों का प्रतिस्थापन: प्रहार LMG भारतीय सेना के पुराने 5.56 mm INSAS LMG की जगह लेगी, जो अधिक रेंज और घातक शक्ति (Lethality) प्रदान करती है।
- आदेश की व्यापकता: भारतीय सेना ने कुल 41,000 से अधिक प्रहार LMG का ऑर्डर दिया है, जिसकी आपूर्ति अगले 3 वर्षों में पूरी होने की संभावना है।
- सुरक्षा ग्रिड: चीन (LAC) और पाकिस्तान (LoC) सीमाओं पर तैनात पैदल सेना (Infantry) के लिए यह ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ का काम करेगी, जिससे भारतीय सैनिकों को बेहतर ‘सप्रेसिव फायर’ (Suppressive Fire) क्षमता मिलेगी।
- स्वदेशीकरण (Indigenisation): ‘मेक इन इंडिया’ के तहत इस बंदूक में 90% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। यह ‘आत्मानिर्भर भारत’ के लक्ष्य को मजबूती देता है।
