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नौसेना अभ्यास सी ड्रैगन 2026 (Naval Exercise Sea Dragon 2026) | Ankit Avasthi Sir

Naval Exercise Sea Dragon 2026

Naval Exercise Sea Dragon 2026

संदर्भ:

हाल ही में भारतीय नौसेना ने गुवाम द्वीप में आयोजित अमेरिकी नौसेना के नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) अभ्यास ‘सी ड्रैगन 2026’ में भाग लिया। भारतीय नौसेना ने इस अभ्यास के लिए अपने अत्याधुनिक P-8I नेपच्यून (P-8I Neptune) समुद्री गश्ती विमान को तैनात किया है। 

अभ्यास ‘सी ड्रैगन 2026’ के बारे में:

  • प्रकार: एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW)
  • आयोजक: अमेरिकी नौसेना (7वीं फ्लीट)
  • उद्देश्य: यह एक वार्षिक, उच्च तीव्रता वाला बहुराष्ट्रीय अभ्यास है जिसका प्राथमिक उद्देश्य मित्र देशों की नौसेनाओं के बीच एंटी-सबमरीन वारफेयर (ASW) क्षमताओं और अंतर-संचालनीयता को बढ़ाना है।
  • प्रतिभागी देश: इसमें मुख्य रूप से क्वाड (QUAD) देश—भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया—के साथ-साथ दक्षिण कोरिया और न्यूजीलैंड भी शामिल होते हैं।

अभ्यास की मुख्य विशेषताएं:

  • सब-हंटिंग ड्रिल: इस दो सप्ताह के अभ्यास में विमान चालक दल नकली और सजीव पनडुब्बी लक्ष्यों (Live Submarine Targets) का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और उन पर प्रहार करने का प्रशिक्षण लेते हैं।
  • ड्रैगन बेल्ट पुरस्कार (Dragon Belt Award): अभ्यास के दौरान विभिन्न मिशनों में प्रदर्शन के आधार पर देशों को अंक दिए जाते हैं। उच्चतम अंक प्राप्त करने वाले देश को प्रतिष्ठित ‘ड्रैगन बेल्ट’ से सम्मानित किया जाता है।
  • उन्नत तकनीक का उपयोग: इसमें दुनिया के सबसे परिष्कृत समुद्री गश्ती विमान जैसे P-8A पोसिडन (अमेरिका/ऑस्ट्रेलिया) और जापान का कावासाकी P-1 शामिल होते हैं। 

रणनीतिक महत्व:

  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की चुनौती: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती चीनी पनडुब्बियों की गतिविधियों को देखते हुए, यह अभ्यास मित्र राष्ट्रों को पानी के भीतर खतरों से निपटने के लिए एकजुट करता है।
  • समुद्री सुरक्षा और स्थिरता: यह अभ्यास “स्वतंत्र, खुले और समावेशी हिंद-प्रशांत” (Free and Open Indo-Pacific) के साझा दृष्टिकोण को सुदृढ़ करता है।
  • P-8I की क्षमता का प्रदर्शन: P-8I विमान लंबी दूरी की समुद्री निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और एंटी-सबमरीन वारफेयर में सक्षम है। भारत के लिए यह हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी पकड़ मजबूत करने का एक प्रमुख साधन है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: यह अभ्यास भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रक्षा संबंधों और क्वाड देशों के बीच सामरिक समन्वय का प्रमाण है।
भारत और अमेरिका के प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास:

  • युद्ध अभ्यास (Yudh Abhyas): यह भारत-अमेरिका का सबसे बड़ा संयुक्त थल सेना अभ्यास है, जो मुख्य रूप से बटालियन स्तर पर 2004 से बारी-बारी से आयोजित किया जाता है। (जैसे 2025 में अलास्का में)।
  • वज्र प्रहार (Vajra Prahar): यह थल सेनाओं के विशेष बलों (Special Forces) के बीच आयोजित होने वाला एक संयुक्त अभ्यास है, जिसका उद्देश्य आतंकवाद विरोधी अभियानों में सहयोग बढ़ाना है।
  • कोप इंडिया (Cope India): यह दोनों देशों की वायु सेनाओं के बीच आयोजित एक संयुक्त वायु अभ्यास है।
  • मालाबार अभ्यास (Malabar): यह भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया (Quad) के बीच आयोजित एक प्रमुख नौसैनिक अभ्यास है, जो समुद्र में सुरक्षा सहयोग को मजबूत करता है।
  • टाइगर ट्रायम्फ (Tiger Triumph): यह भारत और अमेरिका के बीच त्रि-सेवा (तीनों सेनाओं) का मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR) अभ्यास है।
  • संगम (Sangam): यह भारतीय नौसेना मार्कोस (MARCOs) और अमेरिकी नेवी सील्स (Navy SEALs) के बीच एक विशेष बल अभ्यास है।
  • रेड फ्लैग (Red Flag): यह अमेरिका की मेजबानी में आयोजित होने वाला एक बहुपक्षीय हवाई युद्ध अभ्यास है, जिसमें भारत शामिल होता है।

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