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मछली की नई प्रजाति बुटिस बरगाभीमा की खोज (New fish species Butis bargabhima discovered) | Apni Pathshala

New fish species Butis bargabhima discovered

New fish species Butis bargabhima discovered

संदर्भ:

हाल ही में पश्चिम बंगाल के रूपनारायण नदी के ज्वारनदमुख क्षेत्र में मछली की एक नई प्रजाति खोजी गई है, जिसे ‘बुटिस बरगाभीमा’ (Butis bargabhimae) नाम दिया गया है। 

बुटिस बरगाभीमा (Butis bargabhimae) के बारे में: 

  • कुल: यह मछली बुटिड परिवार (Butidae) से संबंधित है, जिन्हें सामान्यतः ‘गजन गोबी’ (Gudgeon Goby) या ‘स्लीपर गोबी’ कहा जाता है।
  • खोज स्थल: इसे पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में तमलुक के पास रूपनारायण नदी से खोजा गया है।
  • अध्ययन: यह खोज ताम्रलिप्त महाविद्यालय और विद्यासागर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा की गई है।
  • नामकरण: इस प्रजाति का नाम तमलुक क्षेत्र की प्रसिद्ध स्थानीय अधिष्ठात्री देवी ‘माँ बरगाभीमा’ के सम्मान में रखा गया है।

शारीरिक विशेषताएँ:

  • इंटरऑर्बिटल स्केल्स (Interorbital Scales): इसकी आँखों के बीच विशिष्ट शल्क (Scales) पाए जाते हैं, जबकि अन्य समान प्रजातियों में यह क्षेत्र अक्सर चिकना होता है।
  • फिन बैंड्स (Fin Bands): इसके पेक्टोरल फिन (Pectoral Fins) पर स्पष्ट हल्के और गहरे रंग की धारियां या बैंड होते हैं।
  • ऑक्सिलरी स्केल्स: इसके पूरे शरीर पर अतिरिक्त ‘सहायक शल्क’ (Auxiliary scales) मौजूद होते हैं。
  • आनुवंशिक भिन्नता (Genetic Divergence): DNA विश्लेषण (COI जीन) से पता चला है कि यह प्रजाति अन्य ज्ञात प्रजातियों से लगभग 14% तक भिन्न है।

महत्व:

  • पारिस्थितिकी तंत्र: ज्वारनदमुख ऐसे क्षेत्र होते हैं जहाँ नदी का मीठा पानी समुद्र के खारे पानी से मिलता है। ऐसी खोजें इन ‘ट्रांजिशनल जोन’ की पारिस्थितिक संवेदनशीलता को दर्शाती हैं।
  • वर्गीकरण संबंधी स्पष्टता: शोध से यह भी पता चला है कि बांग्लादेश में पहले B. koilomatodon के रूप में पहचानी गई कुछ मछलियां वास्तव में Butis bargabhimae ही थीं।
  • जैव विविधता का संरक्षण: नई प्रजातियों की खोज भारत के समृद्ध प्राकृतिक विरासत के दस्तावेजीकरण और उनके संरक्षण की रणनीति बनाने में मदद करती है।
बुटिड परिवार (Butidae):

  • यह मछली के गोबिफोर्मेस (Gobiiformes) क्रम का एक महत्वपूर्ण परिवार है, जिन्हें पूर्व में ‘इलियोट्रिडे’ (Eleotridae) के उप-परिवार के रूप में वर्गीकृत किया गया था।
  • प्रजातियाँ: इस परिवार में वर्तमान में लगभग 10-12 वंश (Genera) और 46-53 प्रजातियां शामिल हैं। प्रमुख वंशों में Butis, Bostrychus, Oxyeleotris और Ophiocara शामिल हैं।
  • शारीरिक बनावट: ये मछलियां भारी शरीर वाली और बेलनाकार होती हैं। इनकी मुख्य पहचान इनके अलग-अलग पेल्विक फिन्स (Pelvic Fins) हैं, जो असली गोबी मछलियों की तरह आपस में जुड़े नहीं होते।
  • आकार: अधिकांश प्रजातियां 10-25 सेमी की होती हैं, लेकिन मार्बल्ड गोबी (Oxyeleotris marmorata) 65 सेमी तक लंबी हो सकती है। 
  • आवास: ये मुख्य रूप से अफ्रीका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया के उष्णकटिबंधीय और उप-उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं। ये मछलियां ज्वारनदमुख (Estuaries), मैंग्रोव और नदियों के निचले हिस्सों के खारे व मीठे पानी में रहती हैं। 
  • व्यवहार: बुटिड मछलियां ‘एंबुश प्रीडेटर्स’ हैं, जो कीचड़ या वनस्पति में छिपकर छोटी मछलियों और क्रस्टेशियंस का शिकार करती हैं। इनमें उल्टा तैरने या लंबवत खड़े रहने की अनूठी क्षमता होती है, जिसके कारण इन्हें ‘क्रेजी फिश’ भी कहा जाता है। 

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