New Cicada COVID variant BA.3.2
संदर्भ:
हाल ही में कोरोनावायरस का नया वैरिएंट BA.3.2, जिसे अनौपचारिक रूप से ‘Cicada’ (सिकाडा) नाम दिया गया है, वर्तमान में वैश्विक स्वास्थ्य विशेषज्ञों और संस्थाओं की कड़ी निगरानी में है।
BA.3.2 ‘Cicada’ वैरिएंट:
सिकाडा वैरिएंट ओमीक्रोन (Omicron) वंश का एक उप-वैरिएंट है। इसे ‘सिकाडा’ नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि सिकाडा कीट की तरह यह भी लंबे समय तक “भूमिगत” या अदृश्य रहने के बाद अचानक सामने आया है।
- उत्पत्ति: इसकी पहचान सर्वप्रथम नवंबर 2024 में दक्षिण अफ्रीका में हुई थी।
- वैज्ञानिक वर्गीकरण: यह ओमीक्रोन के BA.3 वंश से संबंधित है, जो 2022 की शुरुआत में सक्रिय था और फिर लगभग गायब हो गया था।
- WHO की स्थिति: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे ‘वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग’ (VUM) की श्रेणी में रखा है।
प्रमुख विशेषताएं:
- स्पाइक प्रोटीन में बदलाव: इस वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में लगभग 70 से 75 म्यूटेशन देखे गए हैं। यह संख्या पिछले किसी भी प्रमुख वैरिएंट की तुलना में काफी अधिक है।
- इम्यून एस्केप (Immune Escape): अधिक म्यूटेशन के कारण यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (टीकाकरण या पिछले संक्रमण से प्राप्त) को चकमा देने में अधिक सक्षम हो सकता है।
- भिन्नता: यह वर्तमान में प्रचलित JN.1 जैसे स्ट्रेन से काफी अलग है, जिससे मौजूदा टीकों की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।
- प्रमुख लक्षण: तेज बुखार, सूखी खांसी, अत्यधिक थकान, सिरदर्द और नाक बहना।
- विशिष्ट लक्षण: कई मरीजों ने “रेजर ब्लेड” जैसी गले की खराश (अत्यधिक दर्दनाक) की शिकायत की है।
वैश्विक और भारत में स्थिति:
- वैश्विक प्रसार: यह अब तक 23 से अधिक देशों में पाया जा चुका है, जिनमें अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान और नीदरलैंड शामिल हैं। यूरोप के कुछ देशों (डेनमार्क, नीदरलैंड) में यह कुल मामलों का लगभग 30% हिस्सा है।
- भारत की स्थिति: भारत में वर्तमान में इसके प्रसार के कोई बड़े प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन INSACOG (Indian SARS-CoV-2 Genomics Consortium) और स्वास्थ्य मंत्रालय इस पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
गंभीरता:
अब तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि यह वैरिएंट पहले के वैरिएंट्स की तुलना में अधिक घातक है या इससे अस्पताल में भर्ती होने की दर बढ़ी है।
