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हेन्केलिया मोनोफिला की पुनः खोज (Rediscovery of Henkelia monophylla) | UPSC Preparation

Rediscovery of Henkelia monophylla

Rediscovery of Henkelia monophylla

संदर्भ:

हाल ही में, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India – BSI) के वैज्ञानिकों ने अरुणाचल प्रदेश के लोहित जिले में एक दुर्लभ पौधे की प्रजाति, हेन्केलिया मोनोफिला (Henckelia monophylla) को लगभग 189 वर्षों के बाद पुनः खोजा। इस प्रजाति को अंतिम बार 1836 में ब्रिटिश वनस्पतिशास्त्री विलियम ग्रिफिथ द्वारा एकत्रित किया गया था।

हेन्केलिया मोनोफिला के बारे में:

  • कुल (Family): यह गेस्नेरिएसी (Gesneriaceae) परिवार से संबंधित है।
  • प्रकृति: यह एक बारहमासी शाकीय (Perennial Herb) पौधा है।
  • शारीरिक संरचना: इसकी पत्तियां सरल, अंडाकार (Ovate) या भाले के आकार (Lance-shaped) की होती हैं। इसके तने सीधे या थोड़े रेंगने वाले (Creeping) हो सकते हैं।
  • फूल और फल: इसके फूल नलीदार (Tubular) या कीप (Funnel) के आकार के होते हैं, जिनमें अक्सर हल्के रंग होते हैं। इसका फल एक लंबा कैप्सूल होता है जिसमें कई छोटे बीज होते हैं। 
  • स्थानिक (Endemic): यह पौधा केवल अरुणाचल प्रदेश, विशेष रूप से लोहित जिले के लिए स्थानिक है।
  • अनुकूल वातावरण: यह मुख्य रूप से आर्द्र और छायादार वन क्षेत्रों (Humid and Shaded Forest Environments) में पाया जाता है। यह नमी वाले पारिस्थितिक तंत्र में पनपता है जो हिमालय की तलहटी में पाए जाते हैं। 
  • खतरा: राज्य में बढ़ते बुनियादी ढांचे के विकास के कारण इसके प्राकृतिक आवास पर दबाव बढ़ रहा है।
भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India – BSI):

  • परिचय: भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत एक प्रमुख कर अनुसंधान संस्थान है। यह देश के पादप संसाधनों के अन्वेषण, सूचीकरण और संरक्षण के लिए उत्तरदायी शीर्ष संगठन है।
    • स्थापना: इसकी औपचारिक स्थापना 13 फरवरी 1890 को सर जॉर्ज किंग के निर्देशन में हुई थी। 1954 में, स्वतंत्र भारत की वैज्ञानिक आवश्यकताओं के अनुसार इसका पुनर्गठन किया गया।
    • मुख्यालय: इसका मुख्यालय कोलकाता, पश्चिम बंगाल में स्थित है।
    • क्षेत्रीय केंद्र: वर्तमान में, देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों में इसके 11 क्षेत्रीय केंद्र (जैसे जोधपुर, देहरादून, शिलांग, पुणे आदि) और कई विशेष इकाइयां कार्यरत हैं। 

कार्य:

  • पादप अन्वेषण: जंगली पौधों की प्रजातियों का व्यवस्थित सर्वेक्षण करना और उनकी विविधता का दस्तावेजीकरण करना।
  • संरक्षण: लुप्तप्राय प्रजातियों की पहचान करना और उनके ex-situ (बाह्य-स्थाने) संरक्षण के लिए पादप उद्यानों का प्रबंधन करना।
  • प्रकाशन: यह ‘फ्लोरा ऑफ इंडिया’ (Flora of India) और वार्षिक ‘प्लांट डिस्कवरीज’ (Plant Discoveries) जैसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक शोध प्रकाशित करता है।
  • हर्बेरियम प्रबंधन: यह लगभग 30 लाख से अधिक पादप नमूनों के संग्रह वाले राष्ट्रीय हर्बेरियम का रखरखाव करता है। 

उपलब्धियां:

    • पुरस्कार: कोलकाता स्थित BSI को स्वच्छता पखवाड़ा 2025 में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ।
    • तकनीकी प्रगति: अक्टूबर 2024 में, हावड़ा के सेंट्रल नेशनल हर्बेरियम में एक उन्नत GIS प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया। 

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