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साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025 (Sahitya Akademi Award 2025) | UPSC

Sahitya Akademi Award 2025

Sahitya Akademi Award 2025

संदर्भ:

हाल ही में साहित्य अकादेमी (राष्ट्रीय पत्र अकादमी) ने 24 भारतीय भाषाओं के लिए साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025 की घोषणा की। इस वर्ष 8 कविता संग्रहों, 4 उपन्यासों, 6 लघु कथाओं, 2 निबंधों, 1 आलोचना, 1 आत्मकथा और 2 संस्मरणों पर आधारित व्यक्तियों को इस पुरस्कार के लिए चुना गया है। पुरस्कार विजेताओं को 31 मार्च, 2026 को नई दिल्ली में भव्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा। 

साहित्य अकादेमी पुरस्कार 2025: मुख्य विजेताओं की सूची

भाषा विजेता का नाम कृति का नाम विधा
हिंदी ममता कालिया जीते जी इलाहाबाद संस्मरण
अंग्रेजी नवतेज सरना क्रिमसन स्प्रिंग (Crimson Spring) उपन्यास
उर्दू प्रितपाल सिंह बेताब सफर जारी है कविता
असमिया देवब्रत दास काढ़ी खेलर साधु (Karhi Khelar Sadhu) उपन्यास
संस्कृत  महामहोपाध्याय साहू भद्रेशदास प्रस्थानचतुष्टये ब्रह्मघोषः आलोचनात्मक कृति
तेलुगु नंदिनी सिद्धा रेड्डी अनिमेष (Animesha) कविता
बंगाली प्रसून बंद्योपाध्याय श्रेष्ठ कविता कविता
बोडो साहिसुली ब्रह्मा द्वंगनवी लामा मवनसे गाथों उपन्यास
मैथिली डॉ. महेंद्र धात्री पात सन गाम
मणिपुरी हाओबाम नलिनी कांगलामद्रिबा ईफुट कहानी संग्रह
तमिल सा. तमिलसेल्वन थमिज़ सिरुकथयिन थडंगल आलोचना

साहित्य अकादेमी पुरस्कार क्या हैं?

  • परिचय: साहित्य अकादेमी पुरस्कार भारत में दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान है। यह साहित्य अकादेमी (भारत की राष्ट्रीय पत्र अकादमी) द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है। 
  • स्थापना: इसकी स्थापना 1954 में की गई थी और पहला पुरस्कार 1955 में दिया गया था। यह पुरस्कार भारतीय लेखन में उत्कृष्टता को मान्यता देने और बढ़ावा देने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है।
    • निकाय: यह संस्कृति मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्थान के रूप में कार्य करता है।
    • मुख्यालय: इसका मुख्य कार्यालय ‘रवींद्र भवन’, नई दिल्ली में स्थित है।
    • पंजीकरण: इसे 1956 में ‘सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860’ के तहत पंजीकृत किया गया था।
  • भाषा कवरेज (24 भाषाएं): साहित्य अकादेमी कुल 24 भाषाओं में साहित्यिक कृतियों को पुरस्कृत करती है:
      • 22 भाषाएं: जो भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची में सूचीबद्ध हैं।
      • 2 अतिरिक्त भाषाएं: अंग्रेजी और राजस्थानी।
  • श्रेणियां:
  • मुख्य साहित्य अकादेमी पुरस्कार: (₹1,00,000 की राशि + तांबे की पट्टिका + शॉल)।
  • साहित्य अकादेमी अनुवाद पुरस्कार: अनुवाद के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए (₹50,000 राशि)।
  • बाल साहित्य पुरस्कार: बच्चों के लिए उत्कृष्ट लेखन के हेतु (₹50,000 राशि)।
  • युवा पुरस्कार: 35 वर्ष या उससे कम आयु के युवा लेखकों के लिए (₹50,000 राशि)।
  • नागरिकता: लेखक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
  • अवधि: पुस्तक पुरस्कार वर्ष से ठीक पहले के पाँच वर्षों के दौरान पहली बार प्रकाशित होनी चाहिए।
  • प्रक्रिया: चयन प्रक्रिया त्रि-स्तरीय होती है, जिसमें विशेषज्ञों की एक समिति, भाषा सलाहकार बोर्ड और अंत में अकादेमी का कार्यकारी मंडल शामिल होता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह गोपनीय और लोकतांत्रिक होती है।
  • मरणोपरांत पुरस्कार: यदि किसी लेखक की मृत्यु पुस्तक प्रकाशित होने के बाद हुई हो, तो उसे मरणोपरांत पुरस्कार दिया जा सकता है।
  • प्रतीक चिन्ह: पुरस्कार के साथ दी जाने वाली तांबे की पट्टिका को प्रसिद्ध भारतीय फिल्म निर्माता सत्यजीत रे ने डिजाइन किया था।
  • महत्व: यह ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान माना जाता है। 
विशेष: हिंदी में सुशील शुक्ल को उनके लघु कथा संग्रह ‘एक बटे बारह’ के लिए बाल साहित्य पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। साथ ही हिंदी में पार्वती तिर्की को उनके कविता संग्रह ‘फिर उगना’ के लिए युवा पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया।

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