भीष्म क्यूब

संदर्भ:
हाल ही में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपनी जमैका यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री एंड्रयू होलनेस की उपस्थिति में ‘प्रोजेक्ट आरोग्य मैत्री’ (Project Aarogya Maitri) के तहत 10 भीष्म (BHISHM) क्यूब इकाइयां उपहार स्वरूप सौंपी।
भीष्म (BHISHM) क्यूब क्या है?
BHISHM का पूर्ण रूप ‘Bharat Health Initiative for Sahyog, Hita and Maitri’ है। यह स्वदेशी रूप से विकसित दुनिया का पहला पोर्टेबल अस्पताल (Aarogya Maitri Cube) है।
- मॉड्यूलर डिजाइन: एक पूरी इकाई में 72 मिनी-क्यूब शामिल होते हैं, जो एक विशेष मास्टर फ्रेम (Cage) में व्यवस्थित होते हैं।
- तीव्र तैनाती: इसे किसी भी कठिन इलाके में मात्र 12 मिनट के भीतर सक्रिय किया जा सकता है।
- उपचार क्षमता: एक इकाई एक साथ 200 हताहतों का उपचार करने और 48 घंटों तक सेवाएं देने में सक्षम है।
- सज्जित सुविधाएं: इसमें मिनी-आईसीयू, ऑपरेशन थिएटर, वेंटिलेटर, एक्स-रे मशीन, पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड और रक्त परीक्षण प्रयोगशाला शामिल हैं।
- आत्मनिर्भरता: यह इकाई अपनी बिजली (जनरेटर) और सीमित मात्रा में ऑक्सीजन स्वयं उत्पन्न कर सकती है।
- स्मार्ट तकनीक: स्टॉक प्रबंधन के लिए RFID टैगिंग, डेटा एनालिटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया गया है।
महत्वपूर्ण आयाम:
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स्वास्थ्य कूटनीति (Health Diplomacy): भारत ‘विश्व मित्र’ और ‘Global South’ की आवाज के रूप में उभर रहा है। यह पहल दिखाती है कि भारत केवल दवाएं ही नहीं, बल्कि उच्च-तकनीकी स्वास्थ्य अवसंरचना भी साझा कर रहा है।
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दक्षिण-दक्षिण सहयोग (South-South Cooperation): विकसित देशों पर निर्भर रहने के बजाय विकासशील देशों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा देना। जमैका जैसे कैरिबियाई देशों (CARICOM) के साथ संबंध रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं।
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आपदा प्रबंधन (Disaster Management): भीष्म क्यूब ‘गोल्डन ऑवर’ (दुर्घटना के बाद का पहला महत्वपूर्ण घंटा) के दौरान चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करता है, जिससे मृत्यु दर कम होती है। यह भारत के ‘SAGAR’ विजन और HADR ऑपरेशंस का हिस्सा हैं।
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जमैका के बारे में:
भारत-जमैका संबंध:
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