Apni Pathshala

वैश्विक कार्बन बाजार शिखर सम्मेलन प्रकृति 2026 (Global Carbon Market Summit Nature 2026) | Ankit Avasthi Sir

Global Carbon Market Summit Nature 2026

Global Carbon Market Summit Nature 2026

संदर्भ:

हाल ही में नई दिल्ली में कार्बन बाजार पर आधारित दूसरा अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “प्रकृति 2026” का आयोजन किया गया। इस आयोजन ने भारत को वैश्विक कार्बन ट्रेडिंग के केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ठोस आधार प्रदान किया है।

प्रकृति 2026 के बारे में:

    • आयोजन स्थल: यशोभूमि (IICC), नई दिल्ली।
    • आयोजक: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) – विद्युत मंत्रालय और पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तत्वावधान में।
    • मुख्य विषय (Theme): “वैश्विक साझेदारी और डिजिटल मार्गों के माध्यम से एनडीसी (NDC) कार्यान्वयन के लिए कार्बन वित्त को अनलॉक करना”।

प्रमुख स्तंभ:

    • भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल का शुभारंभ: सम्मेलन में आधिकारिक तौर पर ‘भारतीय कार्बन बाजार पोर्टल’ लॉन्च किया गया। यह पोर्टल भारत में कार्बन क्रेडिट के व्यापार, प्रबंधन और पारदर्शिता के लिए एक केंद्रीय डिजिटल हब के रूप में कार्य करेगा।
    • कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS) की प्रगति: सम्मेलन में बताया गया कि भारत ने पहले ही नौ अधिसूचित पद्धतियों और 40 से अधिक पंजीकृत संस्थाओं के साथ एक पारदर्शी CCTS ढांचा स्थापित कर लिया है। इसमें बायोगैस, हाइड्रोजन और वानिकी जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    • डिजिटल नवाचार (Digital MRV): भारत ने उच्च-सत्यता वाले कार्बन बाजार बनाने के लिए डिजिटल निगरानी, रिपोर्टिंग और सत्यापन (Digital MRV) तकनीकों जैसे रिमोट सेंसिंग और ब्लॉकचेन पर जोर दिया है।
    • किसानों और MSMEs का सशक्तिकरण: एक समर्पित सत्र “कार्बन अर्थव्यवस्था में किसानों को सशक्त बनाना” के माध्यम से छोटे किसानों को स्थायी कृषि पद्धतियों के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देने पर चर्चा की गई।

भारतीय कार्बन बाजार (ICM) की स्थिति:

  • वैश्विक योगदान: भारत वर्तमान में वैश्विक स्वैच्छिक कार्बन बाजार (VCM) आपूर्ति में लगभग 17% हिस्सेदारी रखता है।
  • मूल्य स्थिति: भारतीय स्वैच्छिक बाजार में कार्बन क्रेडिट की कीमतें वर्तमान में वैश्विक स्तर की तुलना में कम ($8–10 प्रति टन) हैं, लेकिन अनुपालन बाजार की शुरुआत के बाद इनमें सुधार की उम्मीद है।
  • परियोजनाएं: वर्तमान में भारत में लगभग 1,451 परियोजनाएं हैं, जिनसे लगभग $652 मिलियन का कार्बन राजस्व प्राप्त हो रहा है।
  • प्रशासक: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE) इस बाजार का मुख्य प्रशासक है, जबकि ग्रिड कंट्रोलर ऑफ इंडिया लिमिटेड इसके लिए ‘रजिस्ट्री’ के रूप में कार्य करता है। 
    • अनुपालन तंत्र (Compliance Mechanism): सरकार ने 9 प्रमुख क्षेत्रों (जैसे स्टील, सीमेंट, रिफाइनरी, उर्वरक, एल्यूमीनियम आदि) को ‘बाध्यकारी संस्थाओं’ के रूप में चिन्हित किया है। वर्तमान में 490 औद्योगिक इकाइयों को विशिष्ट ‘उत्सर्जन तीव्रता लक्ष्य’ (GEI Targets) दिए गए हैं।
    • ऑफसेट/स्वैच्छिक तंत्र (Offset Mechanism): गैर-बाध्यकारी क्षेत्रों (जैसे कृषि, वानिकी) के लिए स्वैच्छिक परियोजनाएं पहले से ही सक्रिय हैं। इसके तहत 9 अधिसूचित पद्धतियां (Methodologies) स्वीकृत की गई हैं, जिनमें बायोगैस, ग्रीन हाइड्रोजन, और मैंग्रोव वनीकरण शामिल हैं। 

प्रमुख योजनाएं:

  • कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग स्कीम (CCTS): ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के तहत स्थापित यह योजना भारत में एक औपचारिक ‘स्वदेशी कार्बन बाजार’ (ICM) का निर्माण करती है। इसमें उत्सर्जन लक्ष्यों को पूरा करने वाली संस्थाओं को कार्बन क्रेडिट प्रमाणपत्र (CCC) जारी किए जाते हैं।
  • ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (GCP): यह ‘लाइफ’ (LiFE) अभियान का हिस्सा है, जो वनीकरण और जल संरक्षण जैसी गतिविधियों के लिए व्यक्तियों और संस्थाओं को व्यापार योग्य ‘ग्रीन क्रेडिट’ प्रदान करता है।
  • राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: इसका लक्ष्य 2030 तक 5 MMT हरित हाइड्रोजन उत्पादन करना है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्बन सघनता कम हो सके।
  • पीएम-प्रणाम (PM-PRANAM): वैकल्पिक उर्वरकों को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र में कार्बन फुटप्रिंट को कम करने की योजना।
  • गोवर्धन (Gobar-Dhan): बायो-सीएनजी और बायोगैस के माध्यम से अपशिष्ट से ऊर्जा बनाकर कार्बन उत्सर्जन में कटौती।

आगामी लक्ष्य:

  • डिजिटल MRV: पारदर्शिता के लिए ब्लॉकचेन और रिमोट सेंसिंग आधारित डिजिटल निगरानी (Digital MRV) तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
  • 2030 का लक्ष्य: भारत का लक्ष्य 2030 तक दुनिया का सबसे बड़ा कार्बन बाजार बनने का है, जो 2070 के नेट-जीरो लक्ष्य की प्राप्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top