Apni Pathshala

कॉकरोच की नई प्रजाति नियोलोबोप्टेरा पेनिनसुलारिस (New cockroach species Neoloboptera peninsularis) | UPSC

New cockroach species Neoloboptera peninsularis

New cockroach species Neoloboptera peninsularis

हाल ही में भारत में कॉकरोच की नई प्रजाति ‘नियोलोबोप्टेरा पेनिनसुलारिस’ (Neoloboptera peninsularis) की खोज हुई।

नियोलोबोप्टेरा पेनिनसुलारिस के बारे में:

  • खोज: भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India – ZSI) के वैज्ञानिकों ने पुणे के दौंड (नाथचीवाड़ी) क्षेत्र के कृषि क्षेत्रों से इस प्रजाति की पहचान की है।
  • DNA बारकोडिंग: भारत में 267 वर्षों के कॉकरोच अनुसंधान के इतिहास में यह पहली बार है जब किसी नई प्रजाति का वर्णन ‘इंटीग्रेटिव टैक्सोनॉमी’ (DNA बारकोडिंग और रूपात्मक विश्लेषण का मिश्रण) के माध्यम से किया गया है।
  • प्रजाति की विशेषताएं:
    • यह ‘नियोलोबोप्टेरा’ वंश (Genus) की भारत में पाई जाने वाली तीसरी प्रजाति है। इससे पहले इस वंश की प्रजातियां 1865 और 1995 में खोजी गई थीं।
    • इसका नाम ‘peninsularis’ इसके प्रायद्वीपीय भारत (Peninsular India) में वितरण को दर्शाता है।
    • यह प्रजाति पूरी तरह से स्थानिक (Endemic) है, यानी यह भारत के बाहर कहीं नहीं पाई जाती। 

अन्य हालिया खोज:

  • एनाप्लेक्टोइडिया गारोएन्सिस (Anaplectoidea garoensis): सितंबर 2025 में मेघालय की गारो हिल्स में खोजी गई। यह भारत में इस वंश का पहला रिकॉर्ड है।
  • एनाप्लेक्टोइडिया इंडिका (Anaplectoidea indica): इसकी पहचान झारखंड से की गई है।
  • अल्लाक्टा कलक्कडेंसिस (Allacta kalakkadensis): इसे पश्चिमी घाट के कलक्कड़-मुंडनथुराई क्षेत्र (तमिलनाडु) से खोजा गया था।

भारत में कॉकरोच जैव-विविधता:

  • कुल प्रजातियां: नई खोजों के साथ भारत में कॉकरोच प्रजातियों की संख्या 190 तक पहुंच गई है।
  • वैश्विक हिस्सेदारी: भारत में दुनिया की लगभग 3.8% कॉकरोच प्रजातियां पाई जाती हैं।
  • स्थानिकता (Endemism): भारत में पाई जाने वाली लगभग 50% कॉकरोच प्रजातियां स्थानिक हैं, जो कहीं और नहीं मिलतीं।
  • भ्रम निवारण: लोकप्रिय धारणा के विपरीत, कॉकरोच की 5,000+ वैश्विक प्रजातियों में से 1% से भी कम कीट (Pests) श्रेणी में आती हैं। अधिकांश प्रजातियां जंगली होती हैं।

पारिस्थितिक महत्व:

  • अपघटक (Decomposers): ये गिरी हुई पत्तियों और सड़ी-गली लकड़ियों को खाकर कार्बनिक पदार्थों का पुनर्चक्रण (Nutrient Cycling) करते हैं।
  • खाद्य श्रृंखला: ये पक्षियों, सरीसृपों और उभयचरों के लिए प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्रोत हैं।
  • प्राचीन विरासत: ये 300 मिलियन वर्षों से पृथ्वी पर मौजूद हैं, जो इन्हें जलवायु परिवर्तन और अनुकूलन (Adaptation) के अध्ययन के लिए आदर्श बनाता है। 
DNA बारकोडिंग तकनीक:

  • परिचय: DNA बारकोडिंग एक आणविक तकनीक (molecular technique) है, जिसमें प्रजातियों की पहचान के लिए उनके जीनोम के एक लघु और मानकीकृत अनुभाग का उपयोग किया जाता  है। 
  • आनुवंशिक ‘बारकोड’: जैसे सुपरमार्केट में UPC कोड वस्तुओं की पहचान करता है, वैसे ही यह तकनीक प्रत्येक जीव के लिए विशिष्ट आनुवंशिक अनुक्रम का उपयोग करती है।
  • मानक मार्कर (Standard Markers):
    • पशुओं के लिए: ‘साइटोक्रोम सी ऑक्सीडेज I’ (COI) जो माइटोकॉन्ड्रियल जीन का हिस्सा है।
    • पौधों के लिए: क्लोरोप्लास्ट जीन जैसे rbcL और matK
    • कवक (Fungi) के लिए: ITS (Internal Transcribed Spacer)। 

अनुप्रयोग:

  • प्रजाति पहचान: ‘क्रिप्टिक’ प्रजातियों (दिखने में समान पर आनुवंशिक रूप से भिन्न) की पहचान और नई प्रजातियों की खोज।
  • वन्यजीव अपराध नियंत्रण: तस्करी किए गए मांस, खाल या हड्डियों से लुप्तप्राय प्रजातियों की पहचान कर कानूनी साक्ष्य मजबूत करना।
  • खाद्य सुरक्षा: खाद्य उत्पादों (जैसे मछली या जड़ी-बूटियों) में मिलावट और गलत लेबलिंग (Food Fraud) का पता लगाना।
  • कृषि: हानिकारक आक्रामक प्रजातियों (Invasive Species) और कीटों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान। 
  • iBOL-India: भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (ZSI) ने ‘इंटरनेशनल बारकोड ऑफ लाइफ’ (iBOL) के साथ समझौता किया है ताकि भारतीय जैव-विविधता का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा सके।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top