(Sanderling migratory shorebird) प्रवासी तटीय पक्षी सैंडरलिंग

संदर्भ:
हाल ही में, दक्षिण ऑस्ट्रेलिया से टैग किया गया एक छोटा प्रवासी पक्षी ‘सैंडरलिंग’ अंडमान के सुदूर नारकोंडम द्वीप (Narcondam Island) पर देखा गया। इस पक्षी ने ऑस्ट्रेलिया से लगभग 7,472 किमी की दूरी तय की, जो एक अविश्वसनीय प्रवास मार्ग दूरी है।
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नारकोंडम द्वीप विशेष रूप से अपनी एंडेमिक (Endemic) प्रजाति ‘नारकोंडम हॉर्नबिल’ (Narcondam Hornbill) के लिए प्रसिद्ध है। |
सैंडरलिंग के बारे मे:
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- वैज्ञानिक नाम: Calidris alba।
- प्रकार: यह एक छोटा ‘वेडिंग’ (Wading) या तटवर्ती पक्षी है जो सैंडपाइपर (Sandpiper) परिवार से संबंधित है।
- पहचान: सर्दियों में इनका रंग बहुत पीला (लगभग सफेद) होता है, और गर्मियों में चेहरा और गला ईंट जैसा लाल (brick-red) हो जाता है।
- विशिष्ट गुण: अन्य सैंडपाइपर्स के विपरीत, सैंडरलिंग के पैरों में पिछला अंगूठा (hind toe) नहीं होता है, जो इन्हें रेत पर तेजी से दौड़ने में मदद करता है।
- आहार: ये मांसाहारी होते हैं और छोटे केकड़ों, समुद्री कीड़ों और इनवर्टेब्रेट्स को लहरों के किनारे रेत से ढूंढकर खाते हैं।
- प्रवास मार्ग: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ईस्ट एशियन-ऑस्ट्रेलियन फ्लाईवे (EAAF) का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ये पक्षी अपने प्रजनन स्थलों (आर्कटिक क्षेत्र) और सर्दियों के स्थलों के बीच 3,000 से 10,000 किमी की यात्रा करते हैं।
संरक्षण स्थिति:
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- IUCN रेड लिस्ट: ‘Least Concern’ (कम चिंताजनक)।
- कानूनी सुरक्षा: यह ‘प्रवासी वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण पर कन्वेंशन’ (CMS) और भारत के वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत सुरक्षित है।
- जनसंख्या रुझान: हालांकि वैश्विक स्तर पर इनकी संख्या अभी अधिक है, लेकिन आवास के नुकसान और जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी संख्या में गिरावट देखी जा रही है।
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प्रमुख खतरे:
- आवास का विनाश: तटीय विकास और आर्द्रभूमि (Wetlands) के नुकसान से इनके भोजन के स्रोत कम हो रहे हैं।
- जलवायु परिवर्तन: आर्कटिक में तापमान बढ़ने से इनके प्रजनन स्थलों पर खतरा मंडरा रहा है।
- प्रदूषण: समुद्र तटीय प्लास्टिक और कीटनाशकों का बढ़ता स्तर इनके स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।