TEAM Scheme for MSME Sector
संदर्भ:
हाल ही में, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री ने लोकसभा को TEAM (Trade Enablement and Marketing) पहल के बारे में जानकारी दी। यह योजना भारतीय सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) को डिजिटल कॉमर्स की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक क्रांतिकारी कदम है।
TEAM योजना के बारे मे:
- लॉन्च तिथि: 27 जून 2024 (MSME दिवस के अवसर पर)।
- मंत्रालय: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MoMSME)।
- प्रकृति: यह विश्व बैंक द्वारा समर्थित RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत एक उप-योजना (Sub-scheme) है।
- कार्यान्वयन एजेंसी: राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC)।
- कुल बजट: ₹277.35 करोड़
- अवधि: 2024-2027
मुख्य उद्देश्य:
- DPI लाभ: इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (DPI) का लाभ उठाकर MSMEs को ई-कॉमर्स पारिस्थितिकी तंत्र में एकीकृत करना है।
- ONDC से जुड़ाव: सूक्ष्म और लघु उद्यमों को ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स’ (ONDC) प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड करना।
- बाजार विस्तार: पारंपरिक स्थानीय बाजारों से आगे बढ़कर राष्ट्रीय और वैश्विक ग्राहकों तक पहुँच बनाना।
- लागत में कमी: ई-कॉमर्स सेटअप की बाधाओं और मध्यस्थों के कमीशन को कम करना।
वित्तीय परिव्यय और लक्षित लाभार्थी:
- बजट: 3 वर्षों (2024-25 से 2026-27) के लिए ₹277.35 करोड़ का प्रावधान।
- लक्ष्य: आगामी 3 वर्षों में 5 लाख सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) को लाभान्वित करना।
- महिला सशक्तिकरण: कुल लाभार्थियों में से 50% (2.5 लाख) महिला स्वामित्व वाले उद्यमों के लिए आरक्षित हैं।
-
पात्रता मानदंड (Eligibility): उद्यम के पास वैध उद्यम पंजीकरण (Udyam Registration) होना अनिवार्य है। उद्यम पहले से ONDC पर विक्रेता के रूप में पंजीकृत नहीं होना चाहिए। विनिर्माण और सेवा दोनों क्षेत्रों के सूक्ष्म एवं लघु उद्यम इसके पात्र हैं।
योजना के प्रमुख घटक:
- डिजिटल कैटलॉगिंग: AI-आधारित कैटलॉग तैयार करने के लिए सहायता (₹2,500 प्रति MSE तक सीमित)।
- अकाउंट मैनेजमेंट: ऑनलाइन खातों के प्रबंधन के लिए ₹5,000 तक की सहायता।
- लॉजिस्टिक्स और पैकेजिंग: परिवहन और पैकेजिंग सामग्री पर सब्सिडी। साथ ही, भारतीय पैकेजिंग संस्थान (IIP) से पैकेजिंग डिजाइन हेतु सहायता।
- क्षमता निर्माण: टियर 2 और टियर 3 शहरों में 150 से अधिक कार्यशालाओं के माध्यम से जागरूकता और प्रशिक्षण।
महत्व:
- डिजिटल औपचारिककरण (Formalization): यह पहल MSMEs के डिजिटल लेनदेन इतिहास को मजबूत करती है, जिससे उन्हें औपचारिक ऋण (Credit) प्राप्त करने में आसानी होगी।
- समावेशी विकास: महिला और SC/ST उद्यमियों पर विशेष ध्यान देना ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को पुष्ट करता है।
- DPI का लाभ: भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे ONDC) का उपयोग करके एकाधिकारवादी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स की चुनौती का सामना करने में सहायता मिल रही है।
