Apni Pathshala

ग़ारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद संशोधन 2026 (Garo Hills Autonomous District Council Amendment 2026) | Apni Pathshala

Garo Hills Autonomous District Council Amendment 2026

Garo Hills Autonomous District Council Amendment 2026

संदर्भ:

हाल ही में मेघालय के ग़ारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (GHADC) ने एक ऐतिहासिक संशोधन पारित किया है, जो परिषद के चुनावों में गैर-जनजातीय (Non-Tribal) भागीदारी को प्रतिबंधित करने और चुनावी प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने पर केंद्रित है।

संशोधन के प्रमुख बिंदु:

  • अनिवार्य अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र: नए नियमों के अनुसार, अब केवल वे ही व्यक्ति GHADC का चुनाव लड़ सकते हैं जिनके पास मेघालय सरकार द्वारा जारी वैध अनुसूचित जनजाति (ST) प्रमाण पत्र है।
    • यह निर्णय 1952 में परिषद की स्थापना के 74 साल बाद लिया गया है, जिसका उद्देश्य परिषद के “जनजातीय चरित्र” को अक्षुण्ण रखना है।
  • चुनाव नियमों में बदलाव (Election Rules 1951 में संशोधन):
    • मतदान की आयु: मतदाताओं की आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया है।
    • नामांकन अवधि: नामांकन दाखिल करने की अवधि को ‘तीन सप्ताह’ से घटाकर ‘एक सप्ताह’ कर दिया गया है।
    • प्रस्तावक (Proposer): उम्मीदवार के लिए प्रस्तावकों की संख्या दो से घटाकर एक कर दी गई है।
  • कार्यकाल का विस्तार: क्षेत्र में तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए, मेघालय कैबिनेट ने GHADC के वर्तमान कार्यकाल को 6 महीने (18 अप्रैल 2026 से 18 अक्टूबर 2026 तक) के लिए बढ़ा दिया है। 

संशोधन के संवैधानिक परिप्रेक्ष्य:

  • संवैधानिक आधार: GHADC का गठन भारतीय संविधान की छठी अनुसूची (Sixth Schedule) के तहत अनुच्छेद 244(2) और 275(1) के अंतर्गत किया गया है।
  • विधायी शक्ति: परिषद को भूमि, वन, विरासत, विवाह और सामाजिक प्रथाओं पर कानून बनाने का अधिकार है। पैराग्राफ 2(7) परिषद को अपने चुनाव कराने के लिए नियम बनाने और उम्मीदवारों की योग्यता निर्धारित करने की शक्ति देता है।
  • न्यायिक समीक्षा: हालांकि परिषद ने इसे अपनी स्वायत्त शक्ति बताया है, लेकिन गैर-जनजातीय समुदायों ने इसे समानता के अधिकार (अनुच्छेद 14 और 15) का उल्लंघन बताते हुए चुनौती दी है, और यह मामला वर्तमान में न्यायिक विचारणा के अधीन भी रहा है। 

महत्व और चुनौतियाँ:

  • महत्व: मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने इसे “ऐतिहासिक मील का पत्थर” बताया है जो स्व-शासन की भावना को मजबूत करता है और स्वदेशी लोगों के हितों की रक्षा करता है।
  • चुनौतियाँ: मैदानी इलाकों (Plains belt) के गैर-जनजातीय निवासियों ने इसे ‘लोकतंत्र विरोधी’ और ‘बहिष्कृत’ करने वाला बताया है, जिससे क्षेत्र में जातीय तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है।

Share Now ➤

क्या आपको Apni Pathshala के Courses, RNA PDF, Current Affairs, Test Series और Books से सम्बंधित कोई जानकारी चाहिए? तो हमारी विशेषज्ञ काउंसलर टीम आपकी सिर्फ समस्याओं के समाधान में ही मदद नहीं करेगीं, बल्कि आपको व्यक्तिगत अध्ययन योजना बनाने, समय का प्रबंधन करने और परीक्षा के तनाव को कम करने में भी मार्गदर्शन देगी।

Apni Pathshala के साथ अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं और अपने सपनों को साकार करें। आज ही हमारी विशेषज्ञ टीम से संपर्क करें और अपनी सफलता की यात्रा शुरू करें

📞 +91 7878158882

Related Posts

Scroll to Top